जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज बुधवार को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हो चुके पूर्व RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा की संपत्तियों का अधिग्रहण किया है। बाबूलाल कटारा की नौ संपत्तियों को ईडी ने चिह्नित किया है। बुधवार को ईडी की टीम डूंगरपुर पहुंची। यहां बाबूलाल कटारा की तीन गांवों में पांच संपत्तियां हैं। जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय की टीम इन संपत्तियों का अधिग्रहण कर कागजी कार्यवाही पूरी कर रही है, जिसके बाद वह इन संपत्तियों पर अपना बोर्ड लगाकर यहां से जाएगी। (paper leak case)
कटारा की खुद की नौकरी की हिस्ट्री की भी होनी चाहिए जांच
डूंगरपुर निवासी बाबूलाल कटारा 1987 से सरकारी सेवा में आ गए थे। 1987 में तृतीय श्रेणी शिक्षक बने, इसके तीन साल बाद 1990 में अर्थशास्त्र व्याख्याता बन गए। एक साल बाद 1991 में जिला सांख्यिकी अधिकारी भी बन गए। लेकिन इनमें से किसी भी नौकरी पर नहीं टिके और फिर 1994 में विकास अधिकारी बन गए, 2005 तक विकास अधिकारी के रूप में काम किया। इसके बाद 2013 से कटारा उदयपुर के माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध संस्थान में निदेशक पद पर कार्यरत रहे।
वीआरएस लेने के बाद इन्हें कांग्रेस सरकार के समय बाबूलाल कटारा को आरपीएससी सदस्य नियुक्त किया गया था। आरपीएससी सदस्य रहते हुए बाबूलाल कटारा का नाम पेपर लीक गिरोह से जुड़े होने का खुलासा हुआ। जिस पर राजस्थान पुलिस की एसओजी ने अप्रेल 2023 को बाबूलाल कटारा को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था।
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