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सावधान उदयपुर: अपनी कार चेक कर लो, कहीं आपकी गाड़ी में चोरों का जीपीएस तो नहीं.!

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उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने कार चोर गिरोह को पकड़ चोरी के तरीके का चौकाने वाला खुलासा किया है। चोरों ने लग्जरी कारों की चोरी के लिए पहले लाखों रूपए का निवेश कर लेकसिटी मॉल में कार वॉशिंग एंड सर्विस सेंटर खोला, 5.50 लाख रूपए में दिल्ली से कारों के लॉक की इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिज्म ब्रेक करने की मशीन खरीदी और फिर कारों में खुद के जीपीएस सिस्टम लगाकर उन्हें ट्रैक कर चोरी करने लगे।(udaipur police bust car theft gang)

एसपी योगेश गोयल ने बताया कि जालोर निवासी लतिफ खान उर्फ हरिश चौधरी (30) पुत्र इम्तियाज खान और भीनमाल निवासी विक्रम कुमार (24) पुत्र विराराम सुथार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गयी तीन कारें बरामद की गयी हैं, इसके अलावा आरोपियों से कार चोरी में उपयोग होने वाली विभिन्न कंपनियों की कारों की चाबियां और स्ट्रूमेंट मशीन भी बरामद की है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे 31 लग्जरी कारों में खुद का जीपीएस सिस्टम लगा चुके थे और इन वाहनों की चोरी के लिए इन्हें ट्रैक कर रहे थे। बदमाश चोरी के वाहनों को जालोर, भीनमाल में तस्करों को बेचने वाले थे।हालां कि सुखेर थाना क्षेत्र से चोरी हुई एक कार की तलाश में आरोपी पुलिस शिकंजे में आ गए। गिरोह के खुलासे में थानाधिकारी हिमांशु सिंह राजावत के नेतृत्व में कांस्टेबल भंवरलाल और अचलाराम की विशेष भूमिका रही है।

इन वाहनों में हो सकते हैं चोरों के जीपीएस

लग्जरी कारों तक पहुंच बनाने के लिए मॉल में खोला सर्विस सेंटर

एडि.एसपी सिटी उमेश ओझा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने वाहन चोरी का नया तरीका इजाद किया, दोनों आरोपियों ने लग्जरी कारों तक पहुंच बनाने के लिए पहले लेकसिटी मॉल में “एक्सेस डिटेलिंग” नाम से कार वॉशिंग एंड सर्विस सेंटर खोला। गाड़ी सफाई की मशीन खरीदने के साथ-साथ दिल्ली से 5.50 लाख रूपए में वाहन के इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिज्म ब्रेक करने की खरीदी।

आरोपी लेकसिटी मॉल घूमने आने वाले लोगों की गाड़ी वॉश करने के बहाने सेंटर पर ले जाते थे। गाड़ी की सफाई-धुलाई के दौरान ही वाहन के अंदर उक्त मशीन को लगाकर उसका संपूर्ण डेटा स्कैन कर लेते थे। इसके बाद खुद का जीपीएस कार में लगा देते थे। यह जीपीएस चार्जेबल तथा अच्छी क्वालिटी का होता था, जिससे यह 10 दिनों तक बैटरी बैकअप पर रहता था। इसके बाद वाहन मालिक को सुपुर्द कर देते थे।

आरोपी मशीन के जरिए कार के लॉक से संबंधित स्कैन किए गए डेटा से इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के जरिए डुप्लीकेट चाबी बना लेते थे। खुद के जीपीएस के जरिए कार को ट्रैक करते थे और जब मौका मिलता चोरी कर लेते थे। आरोपी इस तरह से 3 कारें चोरी कर चुके थे और 31 वाहनों में अपना जीपीएस सिस्टम फिट कर चुके थे।

लग्जरी वाहनों की डुप्लीकेट चाबियां और चोरी में उपयोग होने वाली मशीनें

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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