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दान करने थे “50 हजार”, दान हो गए “50 लाख”: पता चलते ही उड़े होश, अब काट रहे बैंक और थाने के चक्कर

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उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। अगर आपको 50 हजार रूपए दान करने हों और 50 लाख रूपए दान हो जाएं तो आपके होश उड़ना लाजमी है, ऐसा ही एक वाक्या उदयपुर की एक बड़ी इंफ्रा कंपनी के साथ हुआ है। कंपनी को किसी एक ट्रस्ट में 50 हजार रूपए दान करने थे, लेकिन दान 50 लाख रूपए हो गए। इसकी जानकारी जैसे ही कंपनी के चीज फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) से लेकर अन्य स्टाफ को हुई सभी के होश उड़ गए। मामला उदयपुर के सवीना थाने में दर्ज हुआ है। (charitable trust fraud in donation)

मामला उदयपुर की रवि इंफ्रा बिल्ड प्रोजेक्ट कंपनी का है, कंपनी के CFO भुनेश मेहता ने सवीना थाने में एफआईआर दर्ज करवायी है। एफआईआर में भुनेश मेहता ने बताया कि 24 फरवरी को उनकी कंपनी के एएसएम ऑडिटर शुभम जैन ने उन्हें कहा कि अहमदाबाद में कर्मवीर चेरिटेबल ट्रस्ट है और स्वास्थ्य सेवाओं में अच्छा कार्य कर रहे हैं, ऐसे में आप अपनी कंपनी की तरफ से इस कर्मवीर ट्रस्ट को 50 हजार रूपए दान दे दीजिए। मुझे ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी दिखाए गए। ट्रस्ट की ओर से उनके लेटरहेड पर मुझे एक लेटर भी प्राप्त हुआ, जिसमें 50 हजार रूपए डोनेशन उपलब्ध कराने के बारे में निवेदन किया गया था।

डिजीटली फंड ट्रांसफर करते समय हुई गलती

कंपनी के सीएफओ मेहता ने बताया कि ऑडिटर शुभम जैन के कहने पर मैंने कर्मवीर ट्रस्ट में 50 हजार रूपए दान देने की स्वीकृति दे दी। 26 फरवरी को 50 हजार रूपए के बजाए मेरी कंपनी के बैंक खाते (बैंक ऑफ बड़ौदा) से कर्मवीर ट्रस्ट के अहमदाबाद स्थित बैंक खाते (यस बैंक) में 50 लाख रूपए ट्रांसफर हो गए।

मामले की जानकारी होते ही 27 फरवरी को मैं बैंक ऑफ बड़ौदा गया। बैंक मैनेजर को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देकर उक्त 50 लाख रूपए राशि होल्ड करने और कंपनी के खाते में पुनः रिफंड करने का निवेदन किया। 28 फरवरी को मामले के संबंध में एक एप्लीकेशन यस बैंक में भी दी और उक्त राशि ब्लॉक कर हमारे खाते में पुनः रिफंड करने का निवेदन किया।

आरोपियों ने धोखाधड़ी की नियत से ट्रस्ट के खाते से निजी खातों में ट्रांसफर की राशि

पीड़ित सीएफओ मेहता ने बताया कि उन्हें बैंक से जानकारी मिली कि कर्मवीर ट्रस्ट के ट्रस्टी आदित्य राव और फलक आदित्य रावल ने वह राशि ट्रस्ट के खातों से निजी व अन्य के बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली है। ट्रस्ट के ट्रस्टी फलक आदित्य रावल से वाट्स-एप और ई-मेल के जरिए 49 लाख 50 हजार रूपए रिफंड करने के बारे में बातचीत की। लेकिन ट्रस्टी ने कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया और बाद में ई-मेल ही ब्लॉक कर दिया।

आरोपियों ने धोखाधड़ी करने की नियत से 50 लाख रूपए राशि उनके निजी खातों में ट्रांसफर कर ली है। पीड़ित सीएफओ मेहता ने एफआईआर के जरिए आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने और उनकी 49 लाख 50 हजार रूपए राशि वापस दिलवाने की मांग की है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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