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बिहार में नीतीश-लालू का महागठबंधन टूटा: क्या नीतीश फिर भाजपा के साथ जाएंगे.?

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बिहार में सरकार के विकल्प

पटना,(एआर लाइव न्यूज)। बिहार में नीतीश-लालू का महागठबंधन टूट गया है (bihar political crisis), इसी के साथ लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में फिर पॉलिटिकल ड्रामा शुरू हो गया है। सभी छोटी-बड़ी पार्टी अपने-अपने विधायकों के साथ बैठकें कर रही हैं। इधर जानकारी आ रही है कि नीतीश कुमार रविवार को राज्यपाल के समक्ष अपना इस्तीफा पेश करेंगे और नई सरकार बनाने का दावा भी पेश करेंगे। संभवत ऐसा हुआ तो नीतीश कुमार बिहार में 9वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बनाते हैं तो यह विपक्षी दलों के I.N.D.I.A. गठबंधन के लिए बड़ा झटका होगा। क्यों कि इंडिया गठबंधन में नीतीश कुमार एक मजबूत नेता के रूप में हैं।

पॉलिटिकल ड्रामे के बीच पार्टियों की बैठकें

बिहार में शुरू हुए इस पॉलिटिकल ड्रामे के बीच आज शनिवार को लालूप्रसाद यादव के नेतृत्व में राजद की बैठक हुई, इस बैठक में राजद के सभी विधायक और कार्यकारिणी पदाधिकारी, सदस्य व नेता शामिल हुए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और सांसद मनोज कुमार झा ने बताया कि बैठक काफी सकारात्मक हुई, वर्तमान परिस्थितियों सहित अन्य सभी मुद्दों पर चर्चा हुई है। पार्टी ने लालू प्रसाद यादव को हर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है। उनके निर्णय के साथ सभी हैं।

इधर बिहार के इस पॉलिटिकल क्राइसिस को कंट्रोल करने के लिए कांग्रेस ने बिहार के हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) पार्टी के प्रमुख से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। इसका मतलब यह भी है कि कांग्रेस कोशिश करेगी कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं, तो राजद कांग्रेस सहित अन्य दलों के गठबंधन के साथ सरकार बनाए। हालां कि यह काफी मुश्किल है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कई बार नीतीश कुमार से बात करने का प्रयास किया है, लेकिन बात नहीं हो सकी है।

बिहार कुल सीट 243 : बहुमत का आंकड़ा : 122

वर्तमान सरकार : कुल 160 सीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

विपक्ष में भाजपा 78, HAM : 4, AIMIM : 1

सरकार बनाने के यह विकल्प हो सकते हैं

1- पहला और मजबूत विकल्प

JDU से नीतीश कुमार अपनी 45 सीटों के साथ भाजपा से 78 सीटों का समर्थन लेकर 123 सीटें होने पर नई सरकार बनाने का दावा करें और मुख्यमंत्री पद की शपथ लें।

2 – दूसरा असंभावित तख्ता पलट

बिहार में भाजपा और जदयू को छोड़कर सभी विपक्षी दल एक हो जाते हैं, तब भी बहुमत के जादुई आंकड़ों तक पहुंचने के लिए 2 सीट कम पड़ेंगी। यह तब ही संभव होगा जब नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली JDU को छोड़कर 2 विधायक लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली राजद को समर्थन कर देते हैं। हालां कि इसकी संभावना न के बराबर है।

विपक्षी सभी दलों के एक होने पर कुल सीटों का आंकड़ा 120

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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