जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। विश्व मानचित्र पर रामसर वेटलैंड साइट और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के रूप में पहचाना जाने वाले भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में दो दशक बाद एक और खुशखबर आयी है। केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में दो कृष्ण मृग ने एक-एक शावकों को जन्म दिया है।(Keoladeo national bird sanctuary)
केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान के उप वन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि यहाँ लगभग दो दशक के बाद दो कृष्ण मृग शावकों का जन्म हुआ है। दो कृष्ण मृगों ने दिसम्बर में एक-एक शावकों को जन्म दिया था, शावक करीब एक महीने के हो गए हैं और स्वस्थ हैं।
कृष्ण मृग शावक बनें विशेष आकर्षण का केंद्र
डीएफओ ने बताया ये दोनों मादा कृष्ण मृग करौली से केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में लाये गए थे। कृष्ण मृग के शावकों का जन्म होना संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक बहुत बड़ी सफलता है। साथ ही यह एक क्षेत्र से विलुप्त हुई प्रजाति को दोबारा से सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक परिवेश में फिर से बसाया जाने के एक सफल उदाहरण भी है। इन शावकों के जन्म से यह साबित होता है कि केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान का पारिस्थितिकी तंत्र भिन्न-भिन्न प्रकार की प्रजातियों के लिए पूर्ण रूप से अनुकूल है।
उद्यान में इन दिनों बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक भ्रमण करने के लिए आ रहे है। ऐसे में पक्षियों एवं अन्य वन्यजीवों के साथ कृष्ण मृग भी उनके लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र है, वहीं उद्यान प्रशासन द्वारा मादा कृष्ण मृग एवं शावकों पर पूरी तरह निगरानी रखी जा रही है।
यह भी पढ़ें : राज्य का पहला रेप्टाइल हाउस
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।
रोचक वीडियोज के लिए एआर लाइव न्यूज के https://www.youtube.com/@arlivenews3488/featured यू-ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

