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रिश्वत मामले में फरार थानाधिकारी और हेडकांस्टेबल को ट्रैप के 7 दिन बाद भी क्यों नहीं किया गया निलंबित.?

udaipur IGP Suspends absconded sho and head constable in corruption caseudaipur IGP Suspends absconded sho and head constable in corruption case

अफीम तस्करी की सूचना देने वाले मुखबीर को उल्टा फंसाने की धमकी देकर मांगे थे 8 लाख रूपए

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। एसीबी द्वारा ट्रेप किए गए उदयपुर जिले के फतहनगर थानाधिकारी सुरेशचंद मीणा और हेडकांस्टेबल महावीर प्रसाद को पुलिस विभाग ने नोटिस जारी किया है, हालांकि कि एसीबी कार्यवाही के 7 दिन बाद भी पुलिस विभाग ने इनके निलंबन के आदेश जारी नहीं किये है। जबकि इनपर एक नहीं, कई संगीन आरोप हैं।(udaipur absconded sho suresh meena)

क्या विभाग में इन्हें किसी का संरक्षण प्राप्त है.?

ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इनको पुलिस विभाग ने अब तक क्यों निलंबित नहीं किया है। जबकि ये ऐसे मामले में ट्रैप हुए है, जिसमे फतहनगर थानाधिकारी और डबोक हैडकांस्टेबल महावीर प्रसाद ने शिकायत करने वाले मुखबीर को ही उल्टा फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगी थी। थानाधिकारी सुरेश मीणा के घर से अवैध पिस्टल और कारतूस मिले। एसीबी में पकड़े जाने के डर से चुनाव ड्यूटी से भी फरार रहा।

इतने संगीन आरोप होने के बावजूद पुलिस विभाग ने इसके खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नहीं की है। एसीबी के अलावा फतहनगर थाने में भी सुरेश चंद के खिलाफ अलग से आर्म्स एक्ट में भी मामला दर्ज हुआ है। तो पुलिस इनकी तलाश क्यों नहीं कर रही है। सवाल है कि क्या इन्हें पुलिस विभाग में किसी का संरक्षण प्राप्त है.?

सुरेशचंद मीणा और महावीर प्रसाद अभी भी फरार हैं, जिनकी एसीबी तलाश कर रही है। दोनों ने एनडीपीएस केस में कार्यवाही नहीं करने की एवज में 8 लाख रूपए रिश्वत मांगी थी और 4.50 लाख रूपए लेता हुआ सुरेशचंद मीणा का बेटा सौरभ पकड़ा गया था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर की टीम ने मतदान से ठीक एक दिन पहले 24 नवंबर की शाम को ट्रेप कार्यवाही की थी।

एनडीपीएस के मामलों की जांच में पुलिस के भ्रष्टाचार का हुआ था खुलासा

आरोपी फतहनगर थानाधिकारी सुरेशचंद मीणा ने डबोक हेडकांस्टेबल महावीर प्रसाद के जरिए एसीबी के परिवादी से एनडीपीएस के मामले में कार्यवाही नहीं करने की एवज में 8 लाख रूपए रिश्वत मांगी थी। चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण 24 नंवबर को सुरेशचंद मीणा रिश्वत राशि लेने खुद नहीं आ सका था, तो उसने परिवादी से फोन पर बात कर रिश्वत राशि उसके बेटे सौरभ मीणा को देने के लिए कहा था। इस पर परिवादी ने थानाधिकारी सुरेशचंद मीणा के कहने पर सौरभ को 4.50 लाख रूपए रिश्वत दी और इसी समय एसीबी टीम ने दबिश देकर सौरभ को गिरफ्तार कर लिया था और उसके पास से रिश्वत राशि बरामद की थी। उसी दिन से थानाधिकारी सुरेशचंद मीणा और हेडकांस्टेबल महावीर प्रसाद फरार चल रहे हैं।

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