नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। डीजल से चलने वाले वाहनों और जनरेटर्स पर सरकार 10 प्रतिशत “प्रदूषण कर” लगा सकती है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को बताया कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए डीजल वाहनों और जनरेटर्स पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त जीएसटी के रूप में प्रदूषण कर लगाया जाना चाहिए।। गडकरी ने कहा कि प्रदूषण का बढ़ता स्तर नागरिक के स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए गडकरी ने बताया कि वाहन चाहे यात्री वाहन हो या वाणिज्यिक वाहन, यहां तक कि डीजल जनरेटर भी इस कैटेगरी में आएंगे। गडकरी ने कहा इस संबंध में पत्र तैयार कर लिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलकर उनसे इस संबंध में चर्चा की जाएगी और मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि आने वाले दिनों में डीजल से चलने वाले सभी इंजनों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत कर लगाया जाए।
प्रदूषण कम करने के लिए हरित वैकल्पिक ईंधन को अपनाना जरूरी है
ऑटोमोबाइल मैनुफेक्चर्स को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा मैं आपसे अनुरोध कर रहा हूं कि आप डीजल को अलविदा कह दें। वरना हम टैक्स इतना बढ़ा देंगे कि आपके लिए डीजल गाड़ियां बेच पाना मुश्किल हो जाएगा। गडकरी ने कहा आप में से कई लोग डीजल वाहनों को कम करने का संज्ञान लिया है और डीजल यात्री वाहनों की संख्या 2019 में 53 प्रतिशत से घटकर अब 18 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने कहा कि 2070 तक कार्बन नेट जीरो हासिल करने और खतरनाक ईंधन के कारण होने वाले वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने की भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप स्वच्छ और हरित वैकल्पिक ईंधन को अपनाना जरूरी है, आपको जल्दी से पेट्रोल और डीज़ल का रास्ता छोड़ प्रदूषण मुक्त होने की दिशा में एक नए रास्ते पर चलना चाहिए। यह गडकरी ने उद्योग से इथेनॉल जैसे पर्यावरण-अनुकूल वैकल्पिक ईंधन, जैसे ग्रीन हाइड्रोजन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी कहा।
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