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भर्तियों में महिला अभ्यर्थियों के फैफड़ों की क्षमता पता करने के लिए चेस्ट माप का तरीका अपमानजनक

The Rajasthan High Court earlier this month criticised the criterion of chest measurement to assess lung capacity in female candidatesThe Rajasthan High Court earlier this month criticised the criterion of chest measurement to assess lung capacity in female candidates

हाईकोर्ट ने विकल्प तलाशने को कहा

जोधपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान हाईकोर्ट ने वनपाल या किसी अन्य पद के लिए भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक परीक्षण के दौरान महिला उम्मीदवारों की फेफड़ों की क्षमता को मापने के लिए छाती माप के मानदंड की निंदा की है और इसे बेहद अपमानजनक बताया है। कोर्ट ने कहा यह एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। हाईकोर्ट ने फैफड़ों की क्षमता पता करने के लिए किसी वैकल्पिक साधन और व्यवस्था को अपनाने और इस संबंध में विशेषज्ञों की राय लेने के निर्देश दिए हैं।

वनरक्षक पद की तीन महिला उम्मीदवारों ने दायर की थी याचिका

जानकारी के अनुसार वनरक्षक पद की तीन महिला उम्मीदवारों ने जोधपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। वन रक्षक पद के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने के बावजूद छाती माप के पैरामीटर पर उन्हें अयोग्य कर दिया गया था, जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा कि किसी भी भर्ती में शारीरिक परीक्षण में फैंफड़ों की क्षमता पता करने के लिएछाती माप कर यह तरीका बेहद अपमानजनक है। कोर्ट ने इसके लिए वैकल्पिक साधन की संभावना तलाशने के लिए विशेषज्ञों की राय लेने का भी निर्देश दिया।

जो भर्ती हो चुकी है, उसमें हस्तक्षेप नहीं

हालां कि अदालत ने पहले हो चुकी भर्ती प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना का फैसला लिया है। लेकिन फैसले में कहा है कि महिला उम्मीदवारों के लिए छाती माप की आवश्यकता के बारे में कुछ विचार-विमर्श आवश्यक है। चाह वह फॉरेस्ट गार्ड या फॉरेस्टर या किसी अन्य की भर्ती के लिए हो डाक।

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