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मानसून 2023: प्रदेश के छोटे-बड़े बांधों में क्षमता के मुकाबले 59.71 प्रतिशत पानी आ चुका

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प्रदेश में 18 जुलाई तक औसत से 72 फीसदी अधिक वर्षा हुई

जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। प्रदेश में छोटे-बड़े बांधों एवं एनीकट की कुल जल संग्रहण क्षमता 12580.03 मिलियन क्यूबिक मीटर ;एमसीएमद्ध के मुकाबले 18 जुलाई तक 7512.03 एमसीएम (59.71 प्रतिशत) जल संग्रहण हो चुका है। 18 जुलाई तक 288.55 एमएम वर्षा हो चुकी है जो कि इस समय तक होने वाली औसत 167 एमएम बारिश से 72 प्रतिशत अधिक है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन एवं आईजीएनपी डॉ. सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को आईजीएनपी बिल्डिंग के कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। प्रदेश के कुल 690 बांधों में से 114 बांध या तो पूरी तरह से भर चुके हैं अथवा ओवरफ्लो हो रहे हैं, 278 बांध ऐसे हैं जिनमें 4.25 एमसीएम से अधिक पानी की आवक हो चुकी है। माउंट आबू में इस वर्ष की सर्वाधिक 1418 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मानसून की एक दिन में अधिकतम 530 एमएम बारिश पाली जिले के मुथाना में हुई।

बताया गया कि सभी 33 जिलों एवं 54 प्रमुख बांधों पर बाढ नियंत्रण कक्ष स्थापित हैं। घग्घर नदी कैचमेंट एरिया में अत्यधिक वर्षा के कारण पानी की अधिकता को देखते हुए हनुमानगढ़ से निकलने वाली नाली बेड, घग्घर डायवर्जन एवं इंदिरा गांधी नहर फीडर में आनुपातिक जल प्रवाह सुनिश्चित किया जा रहा है।

बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जल संसाधन विभाग, पुलिस, जिला प्रशासन एवं आपदा नियंत्रण विभाग सहित स्थानीय निकायों से समन्वय स्थापित करने को कहा तथा मुख्य अभियंता (उत्तर), जल संसाधन हनुमानगढ़ अमरजीत सिंह को फील्ड में रहकर पर्याप्त मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कोटा, उदयपुर, बांसवाड़ा एवं अन्य संभागों में बांधों में अचानक पानी की आवक एवं बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सभी मुख्य अभियंताओं को कहा कि किसी भी तरह के संसाधनों की आवश्यकता होने पर मुख्यालय को तुरंत अवगत कराएं।

ईको एडवेंचर ट्यूरिज्म से महत्वपूर्ण सुरक्षा मापदंड है

डॉ. अग्रवाल ने चिन्हित बांधों को पर्यटन की दृष्टि से ईको एडवेंचर ट्यूरिज्म सेंटर के रूप में डवलप करने के लिए पर्यटन विभाग को जल संसाधन विभाग की ओर से एनओसी देने से पहले यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इस तरह की गतिविधियों के लिए संबंधित स्ट्रक्चर सुरक्षित हों, सुरक्षा के पर्याप्त मापदंड हों और साथ ही वहां लाइफ जैकेट, नावें, गोताखोर सहित आपात स्थिति में बचाव के अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध हों। बैठक में मुख्य अभियंता सहित कई अधिकारी मौजूद थे। मुख्य अभियंता जल संसाधन कोटा, जोधपुर, उदयपुर, अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं सहित अधीक्षण अभियंता भी वीसी के माध्यम से जुड़े।

बजट घोषणाओं की पेंडेंसी 31 जुलाई तक क्लियर करें

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने डॉ. अग्रवाल मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं को टॉप प्रायोरिटी पर रखते हुए पेंडेंसी जुलाई के अंत तक क्लियर करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन घोषणाओं को समय रहते धरातल पर लाने के निर्देश दिए। इसमें कोताही बरतने वाले अभियंताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोटा संभाग में छह बजट घोषणाओं के लंबित होने को लेकर उन्होंने मुख्य अभियंताए कोटा राजेन्द्र कुमार पारीक को लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। जयपुरए बांसवाड़ा, जोधपुर एवं उदयपुर के मुख्य अभियंताओं को भी पेंडेंसी क्लियर करने को कहा।

डिसक्लेमर:एआर लाइव न्यूज(AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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