नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। दिल्लीवासी जहां बाढ़ के हालातों से जूझ रहे हैं, इसी बीच आज शनिवार को दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भाजपा और केन्द्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए उन्हें दिल्ली में आयी बाढ़ के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सौरभ भारद्वाज बोले की भाजपा और केन्द्र सरकार ने दिल्लीवासियों को बाढ़ में झोकने की पूरी कोशिश की है।
सौरभ ने कहा कि बीते छह दिन से जब बारिश नहीं हो रही तो दिल्ली में बाढ़ आ क्यों रही है। उन्होंने ने कहा कि 8 जुलाई को करीब 153 एमएम बारिश हुई, 9 जुलाई की शाम थोड़ी बारिश हुई, इसके बाद आज 15 जुलाई है, लेकिन दिल्ली में बारिश नहीं हुई तो फिर दिल्ली में बाढ़ क्यों आई।
जानबूझ कर ईस्टर्न-वेस्टर्न कैनाल खाली रखकर दिल्ली की तरफ पानी छोड़ा गया
सौरभ ने कहा कि यमुना का खतरे का निशान 205.33 मीटर है, 208.6 मीटर पर शुक्रवार तक यमुना का जलस्तर था। उन्होंने ने कहा कि सितंबर 1978 में यमुना से दिल्ली में बाढ़ आई थी, तब 207.49 मीटर पर यमुना का जल स्तर बह रहा था। कुछ भाजपा नेता कह रहे हैं कि रेगुलेटर का काम थोड़ी होता है पानी बांटना, अरे तो फिर रेगुलेटर होता क्यों है, यही तो काम है उसका, पानी को रेगुलेट करना। हथिनी कुंड के लॉग बुक में साफ है कि जब दिल्ली की तरफ पानी छोड़ा गया तो ईस्ट, वेस्ट कैनाल खाली रखे गए।
हथिनी कुंड बैराज से तीन तरह से पानी निकलता है, ईस्टर्न, वेस्टर्न कैनाल और यमुना नदी। वेस्टर्न कैनाल से होते हुए पानी दिल्ली आता है। ईस्टर्न कैनाल का पानी सहारनपुर उत्तर प्रदेश जाता है और बीचों बीच यमुना नदी में जो पानी आता है, वह आईटीओ होते हुए ओखला जाता है। 9 जुलाई से 13 जुलाई तक वेस्टर्न कैनाल में पानी नहीं छोड़ा गया और इसके बाद पूरी साजिश के तहत दिल्ली में पानी छोड़ा गया। जब हमारी टीम वहां पहुंची, तब ईस्टर्न कैनाल में पानी छोड़ा गया।

