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जस्टा सज्जनगढ़ रिसोर्ट होटल में सेप्टिक टैंक खाली करने उतरे दो युवकों की मौत, दो घायल

Two died in septic tank of justa sajjangarh resort hotel udaipurTwo died in septic tank of justa sajjangarh resort hotel udaipur

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के सज्जनगढ़ किले के मेन गेट के पास स्थिति होटल जस्टा सज्जनगढ़ रिसोर्ट (JuSTA Sajjangarh resort) में शुक्रवार को सेप्टिक टैंक को खाली करने के लिए उतरे दो युवकों की दम घुटने से मौत हो गयी, वहीं दो की हालत गंभीर बनी हुई है। फाइव स्टार होटल होने के बावजूद होटल प्रबंधन ने नियमों की पालना किए बगैर और बिना सुरक्षा उपकरणों के ही श्रमिकों को सेप्टिक टैंक में उतार दिया गया।

मोरचरी के बाहर इकट्ठे हुए परिजनों और वाल्मिकी समाज के लोगों ने होटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर होटल प्रबंधन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि हादसे में दो युवकों इन्द्रानगर कच्ची बस्ती निवासी महेन्द्र छापरवाल और विजय कल्याणा की मौत हुई है, इन्हें बचाने के लिए सेप्टिक टैंक में उतरे दो युवक विनोद और रामकरण की हालत गंभीर बनी हुई है।

नगर निगम को निरस्त करना चाहिए होटल का रजिस्ट्रेशन

पूर्व पार्षद बाबूलाल गावरी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश है कि ऐसे हादसों में किसी की मौत होती है तो सरकार उसे 10 लाख रूपए आर्थिक सहायता देगी, तो इनके परिजनों को सरकार यह राशि तो दे देगी, लेकिन आदमी की जिंदगी की कीमत कैसे आंकी जा सकती है। होटल का रजिस्ट्रेशन नगर निगम से होता है, जहां सेप्टिक टैंक खाली करने की मशीन भी है, जिसे ये होटल प्रबंधन वाले किराए पर मंगवा सकते थे। लेकिन चंद रूपए बचाने के लिए इन्होंने सेप्टिक टैंक खाली करने के लिए श्रमिकों को बुलाया।

ऐसे में हमारी मांग है कि नगर निगम इस होटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करे। ये हत्या की साजिश है, तो पुलिस होटल प्रबंधन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करे। इसके अलावा होटल प्रबंधन मृतकों के परिवार के पुनर्वास की व्यवस्था करे, साथ ही निगम मृतक के परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी दे।

ऐसे हुआ हादसा

बाबूलाल गावरी ने बताया कि सज्जनगढ़ फोर्ट के मेन गेट के पास स्थित जस्टा सज्जनगढ़ रिसोर्ट के प्रबंधन ने होटल के सेप्टिक टैंक को खाली करने के लिए 3 युवकों को बुलाया था, वहीं इनके साथ तीन लोग होटल स्टाफ से थे। घटना दोपहर सवा एक बजे से डेढ़ बजे के बीच की है। खाना खाने के बाद ये होटल के अंदर गए। होटल प्रबंधन ने इन्हें सिर्फ एक रस्सा और बेल्ट दिया। कीचड़ में रस्सा फिसल रहा था। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सेप्टिक टैंक में उतरे युवक अंदर जाते ही जहरीली गैस से दम घुटने से बेहोश हो गए। कीचड़ में रस्सा फिसलने से बाहर बैठे विनोद और रामकरण इन्हें खींच नहीं पाए। इस पर इन्हें बचाने के लिए विनोद और रामकरण एक के बाद एक सेप्टिक टैंक में उतरे और ये भी बेहोश हो गए।

यह देखकर सेप्टिक टैंक के बाहर मौजूद अन्य होटल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल चारों युवकों को सेप्टिक टैंक से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर्स ने महेन्द्र और विजय को मृत घोषित कर दिया।

पूर्व में भी हो चुकी है ऐसी घटना, तब 4 लोगों की हुई थी मौत

अप्रेल 2017 में न्यू भूपालपुरा के हीराबाग कॉलोनी स्थित एक घर में भी ऐसी घटना हुई थी। तब घर में बने सैफ्टिक टैंक को खाली कराने के लिए श्रमिकों को बुलाया गया था और सेप्टिक टैंक में की जहरीली गैस से 4 श्रमिकों की मौत हो गयी थी।

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