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हिन्दुस्तान जिंक का शिक्षा संबल कार्यक्रमः स्कूल छात्रों के लिए शुरू हुए 3 आवासीय और 12 गैर आवासीय ग्रीष्मकालीन शिविर

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शिविर में लाभांवित हो रहे 1500 विद्यार्थीः अंग्रेजी, गणित और विज्ञान में पारंगत होने के साथ ही सर्वागिण विकास पर बल

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा चलाये जा रहे शिक्षा संबंल कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविरों की शुरूआत हो गयी है। इन शिविरों में उत्तराखंड के पंतनगर सहित राजस्थान के 5 जिलों उदयपुर, राजसमंद, चित्तौडगढ़, भीलवाड़ा, अजमेर के राजकीय विद्यालयों के 8वीं, 10वीं एवं 12वीं कक्षा के 1500 से अधिक बच्चे हिस्सा ले रहे हैं।

इन ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविरों में 66 शिक्षा सम्बल स्कूलों के लगभग 1500 से अधिक बच्चे लाभान्वित होंगे। इन प्रशिक्षण शिविरों में बच्चों को विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों के साथ ही शारीरिक, खेलकूद, बौद्धिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़कर उनके सर्वागिंण विकास की और अग्रसर किया जा रहा है।

शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम में आरएससीईआरटी की निदेशक कविता पाठक, आरएससीईआरटी के सहायक निदेशक शिवजी गौड़, कंपनी की सीएसआर हेड अनुपम निधि, संयुक्त निदेशक शिक्षा पुष्पेन्द्र, विद्या भवन सोसायटी अध्यक्ष अजय मेहता, विद्याभवन सोसायटी सीईओ अनुराग प्रियदर्शी एवं अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।

छह वर्ष पूर्व प्रायोगिक तौर पर शुरू हुआ शिविर बना छात्रों के कौशल विकास का जरिया

इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने बताया कि शिक्षा संबल समर कैंप युवा दिमागों को अपनी क्षमता का पता लगाने, अपने जुनून को प्रज्वलित करने और हमेशा विकसित होने वाली दुनिया में फलने-फूलने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने के लिए एक मंत्र के रूप कार्य करता है। प्रतिवर्ष शिक्षा सम्बल कार्यक्रम द्वारा 6वीं से 12र्वी कक्षा के 8000 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।

6 वर्ष पूर्व प्रायोगिक तौर पर शुरू किये गये इस आवासीय शिविर की सफलता उनकी बढ़ती हुई संख्या से सिद्ध होती है। परिणामों को बेहतर बनाने और शिक्षा की पद्धति इस कार्यक्रम और शिविरों की अद्वितीय खासीयत है। ये शिविर हिन्दुस्तान जिंक के साथ मिलकर ऐसा शैक्षणिक प्रयोग है, जिससे संस्था और बच्चों का नाम रोशन हो। आवासीय शिविरों में यह प्रयास किया जा रहा है कि किस प्रकार शिक्षा को प्रासंगिक किया जा सके जिससे बच्चों को अधिकाधिक लाभ मिलें।

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