3256 एफआईआर में से 2956 में न्यायालयों में चालान पेश
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों में दर्ज प्रकरणों में से करीब 91 प्रतिशत प्रकरणों में सक्षम न्यायालयों में चालान पेश कर दिया गया हैं। 2 प्रतिशत से कुछ ही अधिक प्रकरण पर अनुसंधान कार्य जारी है।
एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में दर्ज 3256 एफआईआर में से 2956 प्रकरणों में अनुसंधान पूरा कराकर संबंधित पुलिस थानों द्वारा सक्षम न्यायालयों में चालान पेश कर दिया गया है। 3256 में से मात्र 82 एफआईआर पर अनुसंधान कार्यवाही जारी है वहीं केवल 218 प्रकरणों में पुलिस द्वारा एफआर लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अवैध खनन रोकने के निर्देश पर संयुक्त जांच अभियान चलाया गया और पुलिस थानों में दर्ज एफआईआर पर त्वरित कार्यवाही के लिए पहली बार विभागीय मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया गया। खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने इसे आपसी समन्वय से किए गए प्रयास का परिणाम बताया है।
उदयपुर में 84 में से 78 मामलों में चालान पेश
निदेशक माइंस संदेश नायक ने बताया कि सर्वाधिक 1225 एफआईआर भीलवाड़ा में दर्ज करवाई गई थी जिसमें से 1118 प्रकरणों में कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया है। उदयपुर में 84 में से 78,धौलपुर 508 में से 486, दौसा 165 में से 152,भरतपुर 151 में से 59, बीकानेर 61 में से 50, जैसलमेर 26 में से 25, श्रीगंगानगर 190 में से 188, झालावाड़ 135 में से 131, बूंदी 136 में से 131, पाली 80 में से 79, अजमेर 22 में से 21, नागौर 65 में से 61 सहित अधिकांश प्रकरणों में कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है।
अभियान से जुड़े कार्मिकों के साथ दुर्व्यवहार के मामले भी हुए दर्ज
निदेशक नायक ने बताया कि अवैध खनन रोकने चलाए गए संयुक्त जांच अभियान के दौरान अभियान से जुड़े अधिकारियों व कार्मिकों के साथ दुर्व्यवहार व मेनहैंडलिंग के मामले भी सामने आए। विभिन्न थानों में दर्ज इस तरह के 71 मामलों में से 64 मामलों में अनुसंधान कार्य पूरा कराकर कोर्ट में चालान पेश करा दिया गया है। केवल दो प्रकरणों में एफआर लगी हैं वहीं 5 प्रकरणों में अनुसंधान जारी है।

