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विद्यापीठ का दीक्षांत समारोह: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदान की 32 पीएचडी उपाधियां और 14 स्वर्ण पदक

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उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज शनिवार को उदयपुर पहुंचकर जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के 16वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया।

समारोह के मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 32 पीएचडी धारकों को उपाधियां और 14 स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर के स्वर्णपदक प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता और विफलता दोनों ही का अपना महत्व है। असफलताएं हमें निखारने आती हैं, असफलता के बाद हमेशा कोशिश जारी रखनी चाहिए और सीखते हुए जीवन में आगे बढना चाहिए।

उन्होनें कहा युवाओं का परीक्षाओं के दबाव में जीवन को खोना हमारी सामाजिक विफलताओं को बताता है। इसके लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा सरकार युवाओं के समग्र विकास हेतु लगातार प्रयासरत है। जब तक हम विद्यार्थियों का सर्वांगीण और व्यापक विकास नहीं करते, तब तक राष्ट्र के संपूर्ण विकास की कल्पना नहीं हो सकती।

क्रिकेट स्टेडियम और महाराणा प्रताप की प्रतिमा का लोकार्पण किया

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दीक्षांत समारोह में पहुंचने से पहले विद्यापीठ विश्वविद्यालय परिसर में लगी संस्थापक पंडित जनार्दनराय नागर की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं एनसीसी कैडेटस ने रक्षामंत्री को गार्ड आफ ऑनर प्रदान किया। इसके बाद दो करोड़ रूपयों की लागत से तैयार पवेलियन, क्रिकेट स्टेडियम और महाराणा प्रताप की चेतक आरूढ़ प्रतिमा का लोकार्पण किया।

कुलपति प्रो. एसएस सारंदेवोत ने बताया कि कर्नाटक भाजपा उपाध्यक्ष डॉ. तेजस्विनी अनंत कुमार को जनार्दनराय नागर संस्कृति रत्न सम्मान से नवाजा गया। जिसके तहत उन्हें रजत पत्र, प्रतीक चिन्ह, उपरणा, पगड़ी, प्रशस्ति पत्र व एक लाख रूपये नकद राशि दी गई। यह सम्मान उन्हें अपने अगम्य चेतना फाउण्डेशन द्वारा भारतीय समाज, संस्कृति, प्रकृति व बच्चों की उन्नति हेतु विशिष्ट कार्यों को करने के लिए प्रदान किया गया।

समारोह में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी अनिल सिंह, दीनदयाल उपाध्याय विवि गोरखपुर युपी के कुलपति प्रो. राजेश सिंह, श्रीगोविन्द गुरू विवि गोधरा के कुलपति प्रो. प्रताप सिंह चौहान, कुल प्रमुख बीएल गुर्जर, रजिस्ट्रार हेमशंकर दाधीच ने भी विचार व्यक्त किए। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने संस्थान की विकास यात्रा व उत्कृष्ट कार्यों के बारे में विस्तार जानकारी दी।

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