जिला स्तरीय बैठक में आया मामला
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक शनिवार को हुई बैठक में उदयपुर की झीलों के बीच नावों में अवैध रूप से चल रहे रेस्टोरेंट और उदयपुर-झाड़ोल नेशनल हाइवे 58-ई पर कई जगह एक्सीडेंट जोन बनने का अहम मामला भी उठा।
उदयपुर की झीलों से जुड़े मामलों पर चर्चा के दौरान यह बात सामने आयी कि कुछ होटल व्यवसायी पीछोला झील के बीच नावों में अवैध रूप से रेस्टोरेंट चला रहे हैं। जबकि नियमानुसार झील के अंदर ऐसे रेस्टोरेंट संचालित नहीं किए जा सकते। कलेक्टर ने जिम्मेदार अधिकारियो को नावों में चलने वाले ऐसे रेस्टोरेंट को बंद करवाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने झीलों में जलीय जीवों के हित को देखते हुए स्पीड बोट पर अंकुश लगाने और फतहसागर में देवाली छौर पर जेठी स्थापित कर अगले टेंडर में यहीं से नाव संचालन की अनुमति देने के यूआईटी को निर्देश भी दिए।
बैठक में एडीएम सिटी प्रभा गौतम, नगर निगम आयुक्त वासुदेव मालावत, सदस्य सचिव (पीडब्ल्यूडी के एसई) अशोक शर्मा, नगर निगम एसई मुकेश पुजारी,यूआईटी एक्सईएन नीरज माथुर, एएसपी मंजीत सिंह, डीटीओ कल्पना शर्मा, ट्रेफिक डिप्टी कुशाल चौरड़िया व सीएमएचओ डॉ. शंकरलाल बामनिया भी मौजूद थे।
एक्सीडेंट जोन बन रहा उदयपुर-झाड़ोल हाईवे
एसपी विकास शर्मा ने एक्सीडेंट जोन बने उदयपुर-झाड़ोल नेशनल हाईवे 58-ई पर आए दिन हो रही दुर्घटनाओं को रोकने पुख्ता उपाय करने पर जोर दिया। एसपी ने कहा कि जो उपाय तात्कालिक राहत दें उन पर विशेष फोकस किया जाए। इस हाईवे पर जो भी ब्लॉक स्पॉट है उनको चिन्हित किया जाए और वाहनों की गति नियंत्रित करने के उपाय भी करने चाहिए। एसपी ने इस हाईवे पर सड़क निर्माण संबंधित खामियों को दूर करने के सुझाव भी दिए।
उल्लेखनीय हैं कि हाइवे निर्माण कर रही ठेकेदार कंपनी ने कई जगह विकट मोड़ रख दिए हैं जबकि मौके की गुंजाइश अनुसार वहां पहाड़ियों को और काट कर ब्लैक स्पॉट को खत्म किया जा सकता था। यह काम अब भी हो सकता हैं। हाईवे निर्माण के दौरान कुछ जगह लंबा ढलान भी रख दिया गया इससे भी हादसें की आशंका बढ़ गई हैं। ठेकेदार ने हाईवे निर्माण के दौरान रोड किनारे कई जगह पहाड़ सीधे काट दिए है। इससे भी बारिश में आए दिन रोड पर मलबा गिरने और हाइवे अवरूद्ध होने की समस्या बनी रहती है।
महिलाएं संचालित करें ई रिक्शा
कलेक्टर ने शहर में महिलाओं के माध्यम से ई.रिक्शा संचालित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया और कहा कि पहले चरण में 25 ई-रिक्शा संचालित किए जाए और महिलाओं को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। शहरी पार्किंग का उचित उपयोग करने, हाइवे पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने टोल नाका संचालकों को पाबंद करने और शहरी रूटों पर सिटी बसें संचालित करने और रात्रि में आतिशबाजी व लाईटिंग से होने वाले प्रदूषण को रोकने को लेकर भी चर्चा हुई।

