उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। प्रदेश में वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड से लेकर रेंजर तक के सभी वनकर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना आज चौथे दिन गुरूवार को भी जारी रहा(rajasthan forest department employee protest)। आज प्रदेशभर में वनकर्मियों ने वन विभाग के तहत आने वाले सभी राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, बायोलॉजिकल पार्क, जू सहित अन्य पर्यटक स्थल बंद करवाए और उनके बाहर बैठकर ही धरना प्रदर्शन किया।
15 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे इस प्रदेशस्तरीय धरना प्रदर्शन के तहत उदयपुर में भी वनकर्मियों ने सज्जनगढ़ अभयारण्य (सज्जनगढ़ फोर्ट) और बायोलॉजिकल पार्क बंद करा बाहर बैठकर धरना प्रदर्शन किया। ऐसे में सज्जनगढ़ आए पर्यटकों को वापस लौटना पड़ा।
वन विभाग की संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह जादौन ने बताया कि अनिश्चितकालीन धरने के साथ कार्य बहिष्कार भी जारी है है। सरकार ने हमें ऐसा करने को मजबूर किया है। वनकर्मियों की 15 सूत्रिय मांगों को लेकर हम पिछले काफी समय से संघर्षरत है। शांतिप्रिय तरीके से कार्य जारी रखते हुए हमने वन विभाग मुख्यालय से लेकर सरकार तक अपनी मांगे पहुंचाई, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में वनकर्मियों को प्रदर्शन का यह तरीका अपनाना पड़ रहा है। प्रदेश में वन और वन्यजीवों की सुरक्षा जिन वनकर्मियों के भरोसे रहती है, सरकार को उनकी सुननी ही पड़ेगी।
ये हैं वनकर्मियों की 15 सूत्रिय मांगे
- वनकर्मियों को समक्ष पदों पुलिसए पटवारीए ग्रामसेवक आदि के समान वेतन दिलवाया जाए।
- विभाग में आठवीं और दसवीं पास कार्य प्रभारी वनकर्मियों को पूर्व की आति आयु सीमा व योग्यता में राज्स सरकार के वित्त विभाग के पत्र 24 मार्च 2011 के बिन्दु संख्या 8 के अनुसार शिथिलता देते हुए पूर्व की भांति वनरक्षक के पद पर समायोजन किया जाये।
- विभाग में कार्यरत कार्य प्रभारी कर्मियों को सेवानियम के दायरे में लेते हुए अन्य विभागों की तरह पदोन्नति एवं नवीन पदए पदनाम सहायक वनरक्षक के पद पर पदनाम दिया जाये।
- जंगलों में राजकार्य करने वाले वनकर्मियों को मैस भत्ता राशि 2200 रूपए दिलवाया जाये।
- वनकर्मियों को 50 रूपए प्रति माह साइकिल भट्टा के स्थान पर 2000 रूपए प्रतिमाह पेट्रोल भत्ता दिलवाया जाए।
- अवैध शिकारए खनन, अतिक्रमण, कटान आदि गैर वानिकी कार्यों की रोकथाम हेतु एवं स्वयं की सुरक्षा के लिए हथियार दिलवाए जाएं।
हार्ड ड्यूटी अलाउंस भी दिया जाए
- अवैध शिकार, अतिक्रमण, खनन, कटान, छंगान व हिंसक वन्यजीवों के रेस्क्यू करने वाले वनकर्मियों को विशेष भत्ता (मूल वेतन + डीए) का 10% दिलवाया जाये।
- अ: वन विभाग में कार्यरत प्रभारियों की ग्रेड-पे अन्य विभागों की तरह 27 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 2800/3500 की जाये।
- ब: विभाग में कार्यरत कार्य प्रभारी वर्ग के कर्मियों को सेवा नियम के दायरे में लेते हुये पदोन्नति के प्रावधान स्वीकृत किए जाएं।
- समकक्ष विभाग के कर्मियों की भांति नगद वर्दी भत्ता राशि 7000 रूपये वार्षिक दिलवाया जाते।
- अ: राजस्थान वन विभाग श्रमिक संघ के साथ पूर्व में हुए समझौतों को लागू करते हुए पीसीसीएफ के आदेश क्रमांक 2078-2200 की पालना कराई जाए।
- ब: उच्च न्यायालय जयपुर में संघ की ओर से दायर रिट पर हुए 6 जनवरी 2023 को हुए निर्णय की पालना करते हुए 29 अप्रेल 2022 और 15 नवंबर 2022 को आए जोधपुर न्यायालय के निर्णय की पालना कराई जाए।
- विभाग में कार्यरत वाहन चालक को उनके समकक्ष पदों के वनकर्मियों समान वर्दी लागू की जाए और समाज वर्दी व भत्ते दिए जाएं।
- वन विभाग में कार्यरत वाहन चालक को भी योग्यतानुसार पदोन्नति के अवसर प्रदान किये जायें
- अधिकारी कर्मचारियों को अभयारण्योंए नेशनल पार्कों में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की जाये।
- कर्मचारियों को विश्रामगृहों में रूकने की व्यवस्था मध्यप्रदेश की तर्ज पर एसी रूम 200 रूपए प्रति दिवसए नॉन एसी रूम 100 रूपए प्रति दिवस दिलाया जाये।
- वन विभाग में कार्यरत वनकर्मियों की कितने घंटे की ड्यूटी हैए इसे वन विभाग प्रशासन स्पष्ट रूप से लिखित में अवगत करे।
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