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पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया भूमाफिया हिस्ट्रीशीटर दीपक मेनारिया गैंगस्टर्स का है करीबी

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उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर पुलिस की स्पेशल टीम और सुखेर थाना की टीम ने शुक्रवार रात को शहर के कुख्यात बदमाश हिस्ट्रीशीटर दीपक मेनारिया और उसके साथी को धरदबोचा है (udaipur police encounter)। पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर दीपक मेनारिया ने बचने के लिए न सिर्फ पुलिस पर फायरिंग की, बल्कि पुलिस की गाड़ी को जोरदार टक्कर भी मारी।

गनीमत रही कि मेनारिया का पीछा कर रही पुलिस टीम सीट बेल्ट लगाए हुए थे। दीपक मेनारिया और पुलिस वाहन की टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुलिस की कार के एयरबैग तक खुल गए, जिससे पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। टक्कर के बाद भी पुलिसकर्मियों ने दीपक मेनारिया को चारों तरफ से घेर कर धर दबोचा। दीपक मेनारिया एक युवक का अपहरण कर ले जा रहा था, जिसे पुलिस ने मौके पर बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया।

एसपी विकास शर्मा ने बताया कि दीपक मेनारिया और इसके साथी किशन मेनारिया को गिरफ्तार किया गया है, आरोपियों के कब्जे से 3 अवैध पिस्टल बरामद हुए हैं। दीपक मेनारिया और उसका साथी किशन दोनों हिस्ट्रशीटर हैं। दीपक मेनारिया प्रोफेशनल क्रिमिनल की तरह काम करता है।

दीपक मेनारिया के खिलाफ 24 मुकदमें दर्ज हैं, ज्यादातर मामले भूखंडों पर जबरन कब्जा करने के लिए लोगों को धमकाने, फायरिंग करने और अपहरण और एक्सटॉर्शन करने करने से संबंधित दर्ज हैं। दीपक मेनारिया भूखंडों पर जबरन कब्जा कर किन-किन लोगों और भूमाफिया के लिए काम करता है, इसकी पड़ताल की जा रही है।

व्यापारी के बेटे का अपहरण कर मांगी थी फिरौती : जमीन की रजिस्ट्री करा दो या 35 लाख रूपए दे दो

एसपी विकास शर्मा ने बताया कि सुखेर निवासी परिवादी शंकरलाल रेबारी ने शुक्रवार को ही थाने पर सूचना दी थी कि दीपक मेनारिया परिवादी के बेटे किशन रेबारी का अपहरण कर ले गया है। फिरौती में वह जमीन की रजिस्ट्री याह 35 लाख रूपए मांग रहा है। पुलिस ने दीपक मेनारिया की लोकेशन लेकर उसका पीछा किया, राजसमंद के केलवा क्षेत्र में हाईवे पर दीपक मेनारिया और पुलिस टीम की मुठभेड़ हुई।

मेनारिया के गैंगस्टर्स से जुड़े हैं तार

भूपालपुरा में निर्मल आईसक्रीम वाले पर हुई फायरिंग में भी दीपक मेनारिया का नाम आया था। मेनारिया का पिछला रिकॉर्ड खंगाला जाए तो मेनारिया उदयपुर का हिस्ट्रीशीटर कुख्यात बदमाश सिलवेस्टर का करीबी दोस्त बताया जाता है और इनके तार उदयपुर के गैंगस्टर आजम से भी जुड़े रहे हैं। सूत्रों के अनुसार ये बदमाश उदयपुर में कुछ भूमाफिया के लिए विवादित भूखंडों पर जबरन कब्जा करने, दूसरी पार्टी को धमकाने, उस पर फायरिंग करने, अपहरण कर जबरन एग्रीमेंट करवाने का काम करते आए हैं।

बदमाश और पुलिस के बीच हुई फायरिंग

एसपी ने बताया कि पुलिस पिछले एक महीने से दीपक मेनारिया की तलाश कर रही थी, लेकिन यह बदमाश बहुत शातिर है, यह बार-बार राजस्थान से बाहर फरार होकर लोकेशन बदल रहा था। शुक्रवार को पुलिस के पास सूचना आयी कि दीपक ने एक व्यापारी का अपहरण किया है, मुखबीर से पुलिस को दीपक मेनारिया के राजसमंद के केलवा में होने की सूचना मिली।

पुलिस की टीम दीपक मेनारिया का पीछा कर रही थी, इधर उदयपुर से सूचना मिलने पर राजसमंद पुलिस ने भी कड़ी नाकाबंदी कर दी। केलवा में नाकाबंदी देख दीपक मेनारिया ने यू-टर्न लेकर भागने का प्रयास किया, तो इस दौरान उसके पीछे आ रही उदयपुर पुलिस की टीम से उससे मुठभेड़ हुई। दीपक ने पुलिस पर फायरिंग की, जिस पर पुलिस ने भी जवाब में फायर किए।

इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम

सुखेर थानाधिकारी संजय शर्मा, जिला स्पेशल टीम प्रभारी इंस्पेक्टर दिलीप सिंह, सुखेर हेडकांस्टेबल नारायण सिंह, कांस्टेबल भंवरलाल, सुमेर सिंह, दिनेश कुमार, बलवान सिंह, जिला स्पेशल टीम के हेडकांस्टेबल सुखदेव, विक्रम सिंह, धमेन्द्र सिंह, धर्मवीर सिंह, योगेश कुमार, अनिल कुमार, उपेन्द्र सिंह, कांस्टेबल रविन्द्र, रामनिवास, करतार, लोकेश लाम्बा, फिरोज खान, साइबर सेल के एएसआई गजराज और कांस्टेबल लोकेश रायकवाल की मुख्य भूमिका रही है।

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