Site iconSite icon AR Live News

 विधानसभा सत्र में उठेगा 272 भूखंडो के खुर्द-बुर्द होने का मामला

rajasthan vidhan sabharajasthan vidhan sabha

 शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ने लगाया सवाल

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 23 जनवरी से शुरू हो रहा हैं। इस सत्र में
मेवाड़ के भाजपा विधायकों ने भी लिखित में कई सवाल लगाकर सरकार को घेरने की तैयारी की हैं। उदयपुर में  यूआईटी से नगर निगम को हस्तांतरित हुए 272 भूखडों के खुर्द बुर्द होेने का मामला भी गरमा सकता हैं। शहर विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने ही यह सवाल लगाया हैं।

गुलाबचंद कटारिया ने लिखित सवाल के माध्यम से सरकार से पूछा हैं कि उदयपुर नगर विकास न्यास ने कुछ क्षेत्र नगर निगम उदयपुर को हस्तान्तरित किया। उसके तहत 272 प्लॉट्स नगर निगम ने नियम विरुद्ध और व्यक्तिगत रूप से अधिकारी कर्मचारी एवं स्थानीय लोगों ने अपने नाम पर पट्टे जारी करवा लिए?। क्या यह सही है कि नगर विकास न्यास उदयपुर द्वारा दी गयी जमीन पर सैकड़ों पट्टों पर नियम विरुद्ध कार्यवाही कर लोगों को पट्टे जारी किए गए, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को भी स्थानीय जन प्रतिनिधियों और जनता ने की थी एवं उसकी जांच किसे दी गयी एवं अब तक उसकी जाँच रिपोर्ट प्राप्त हुई अथवा नहीं?।

कटारिया ने सरकार से इस मामले में यह भी पूछा हैं कि क्या इन प्लॉट्स के फर्जी पट्टे जारी होने की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भी दी गयी, यदि हां, तो भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इसमें कोई जांच कर प्रसंज्ञान लिया?। क्या यह सही है कि मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को आम जनता, जन प्रतिनिधियों एवं विधायकों के द्वारा इस प्रकरण की जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने का विचार रखते है?, यदि हां, तो कब तक व नहीं तो क्यों। कटारिया ने इसके अलावा कुछ अन्य बड़े सवाल भी विधानसभा सत्र में लिखित में लगाए हैं।

राजसमन्द : पुजारी की हत्या को लेकर भी कटारिया ने लगाया सवाल

गुलाबचंद कटारिया ने लिखित सवाल के माध्यम से गृह विभाग ये पूछा हैं कि क्या राजसमन्द जिले के देवगढ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक पैट्रोल पम्प के पास एक मंदिर के पुजारी और उसकी पत्‍नी पर पैट्रोल फेंककर आग लगा दी गयी। इस घटना में किसकी मृत्यु हुई और कौन आज भी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है एवं इस घटना की रिपोर्ट कौनसे थाने में दर्ज हुई और अब तक क्या कार्यवाही हुई?।

कटारिया ने पूछा है कि क्या पुजारी परिवार ने इस विवाद को लेकर पूर्व में कोई सूचना या रिपोर्ट पुलिस थाना या चौकी में दर्ज करायी थी। यदि हां, तो उस पर पुलिस ने क्या कार्यवाही की और यदि कोई कार्यवाही नहीं की गयी तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है?। क्या यह सही है कि कुछ प्रभावशाली लोग इस बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से इस पुजारी दम्पति,परिवार को यहां से बेदखल करना चाहते हैं? यदि हाँ,तो इस प्रकरण में अब तक जो अनुसंधान कर रिपोर्ट बनी वह संपूर्ण रिपोर्ट सदन की मेज रखें।

Exit mobile version