जमीन संबंधी मामले में भ्रष्टाचार के आरोप की एसीबी कर रही जांच
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने आदेश जारी कर डीएसपी जितेन्द्र आचंलिया के आईजी ऑफिस उदयपुर में अटैचमेंट को निरस्त कर दिया है। ऐसे में वे फिर से एपीओ (awaiting posting orde) हो गए हैं आदेश के अनुसार आंचलिया को अपनी उपस्थित जयपुर पुलिस मुख्यालय पर देनी होगी।
कन्हैयालाल हत्याकांड में निलंबित होने के बाद नवंबर में ही आंचलिया बहाल हुए थे। बहाली के बाद उन्हें पोस्टिंग नहीं मिली थी और वे एपीओ थे। एपीओ रहते हुए ही उन्हें उदयपुर आईजी ऑफिस अटैच किया गया था। लेकिन 4 जनवरी को आदेश जारी कर पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने जितेन्द्र आचंलिया के आईजी ऑफिस उदयपुर में अटैचमेंट को निरस्त कर दिया है।
4 जनवरी को राजस्थान सरकार से एक और आदेश जारी हुआ है, जिसमें 15 जनवरी से सभी प्रकार के ट्रांसफर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही एपीओ चल रहे अधिकारी कर्मचारियों के भी पदस्थापन आदेश जारी नहीं करने के निर्देश हैं। बताया जा रहा है कि सरकार के ट्रांसफर पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश के क्रम में ही जितेन्द्र आंचलिया का जयपुर आईजी ऑफिस में अटैचमेंट निरस्त किया गया है।
हालां कि विभाग में कई अधिकारी-कर्मचारी आंचलिया के अटैचमेंट निरस्त होने के आदेश को एसीबी में शुरू हुई जांच से जोड़कर चर्चा कर रहे हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में 30 दिसंबर को एसआई रोशनलाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई हैं, जिसमें लिखा है कि डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया के खिलाफ विस्तृत अनुसंधान किया जाना है।
विभागीय गुटबाजी के चलते मेरी भूमिका की जांच होगी, जांच में सच सामने आ जाएगा : जितेन्द्र आंचलिया
इस मामले में डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया का कहना है कि परिवादी के छोटे भाई की कैंसर से मृत्यु के बाद छोटे भाई व उसकी पत्नी के नाम की संपत्तियों का विवाद था व सुखेर थाने में केस दर्ज हुआ था। इस मामले में परिवादी पक्ष मदद मांगने मेरे पास आया था, जिसमें मैंने किसी प्रकार की मदद नहीं की, मामले में कानून के तहत जो सही था, वही किया गया। एसीबी में केस मेरे खिलाफ नहीं, बल्कि थानेदार के खिलाफ दर्ज हुआ है। सिर्फ विभाग की गुटबाजी के चलते मेरी भूमिका की जांच होगी और जांच में सच सामने आ जाएगा।
एसआई का ट्रेप चूकने के बाद एसीबी ने दर्ज की एफआईआर
एक एनआरआई ने नवंबर में एसीबी को शिकायत दी थी, जिसमें बताया था कि उसके परिवार ने वर्ष 2007 में भुवाणा क्षेत्र में 32000 वर्ग गज जमीन खरीदी थी। इस भूखंड में विवाद हुआ। परिवादी के भाई की मौत हो चुकी है। मृत्यु से पहले भाई ने उनकी पत्नी के नाम जमीन का कुछ हिस्सा गिफ्ट डीड किया था, लेकिन अब भाभी पूरी जमीन पर दावा कर रही हैं। परिवादी ने बताया कि इस मामले में सुखेर थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसकी जांच सुखेर थाने के एसआई रोशनलाल कर रहे थे।
परिवादी ने एसीबी को दी शिकायत में आगे बताया कि डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया ने थाने में परिवादी को धमकाया और पासपोर्ट जब्त कर मामले में गिरफ्तार करने की धमकी दी और जमीन का एग्रीमेंट करवाया और समझौता पत्र डीएसपी आंचलिया ने खुद लिखा। थाने में आंचलिया ने परिवादी से यह भी कहा कि आपके खिलाफ दर्ज मामले में एफआर पेश कर दी जाएगी, लेकिन उसके खिलाफ एसआई रोशनलाल दो लाख रूपए मांग रहा है।
होटल में आंचलिया और परिवादी के बीच हुई बातचीत की एसीबी के पास है रिकॉर्डिंग
एफआईआर के अनुसार जमीन के मामले में बातचीत करने के लिए पंचवटी स्थिति एक होटल में जितेन्द्र आंचलिया और परिवादी की मुलाकात हुई थी। एसीबी ने होटल में आंचलिया और परिवादी के बीच हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था। यह रिकॉर्डिंग एसीबी के पास है।
परिवादी से शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की तस्दीक की, शिकायत के सत्यापन के दौरान रोशनलाल के रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। एसीबी एसआई रोशनलाल को ट्रेप करती, इससे पहले कोर्ट में पेश की गयी एफआर को दूसरे पक्ष ने चुनौती दे दी। ऐसे में रोशनलाल जिस एफआर देने के लिए रिश्वत मांग रहा था, वह मामला उसके हाथ से निकल गया। ऐसे में एसआई रोशनलाल खटीक ने परिवादी से इस संबंध में संपर्क खत्म दिया।

