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एक मौत और सात जीवन: ब्रेन डेड के बाद दान किए दिल, फेफड़े, लिवर, किडनी और कॉर्निया

organ donation case in burdwan west bengal 7 people gets new life after hiranmoy ghoshal brain deadorgan donation case in burdwan west bengal 7 people gets new life after hiranmoy ghoshal brain dead

कोलकाता,(एआर लाइव न्यूज)। मृत्यु अंतिम सत्य है, लेकिन मृत्यु से पहले अगर कोई सात लोगों को नया जीवन दे तो यह कहना भी अतिश्योक्ति नहीं होगी कि मरने वाले का जीवन सफल हो गया। ऐसा ही कुछ हुआ है पश्चिम बंगाल के बर्दवान में जहां एक व्यक्ति के ब्रेन डेड होने पर डॉक्टर्स की टीम की मदद से उसका दिल, फेफड़े, किडनी, लिवर और कॉर्निया दान कर सात अनजान लोगों को नया जीवन दिया गया है। अंग दान करने वाले परिवार ने ऐसा कर एक मिसाल भी कायम की है।

जानकारी के अनुसार बर्दवान के हरगोबिंदपुर के रहने वाले हिरणमय घोषाल की बुधवार को घर पर ही तबियत खराब हो गयी थी और वे बेहोश हो गए। परिजन उन्हें नजदीकी अस्पताल लेकर गए, जहां से उन्हें कोलकाता के एक निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रैफर किया गया। जांच करने पर पाया कि उनके ब्रेन स्टेम में खून जमा हो गया है। सर्जरी की गुंजाइश न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा।

ब्रेन डेड के बाद परिवार ने लिया अंग दान का निर्णय

डॉक्टर्स ने पाया कि उनके ब्रेन स्टेम ने काम करना बंद कर दिया है, जिसके बाद डॉक्टर्स ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा। घोषाल के परिवार ने उनके महत्वपूर्ण अंगों को दान करने का निर्णय लिया।

शुक्रवार को परिवार की सहमति मिलने के बाद डॉक्टरों की एक टीम ने ऑपरेशन शुरू किया और घोषाल के कॉर्निया, लीवर, किडनी, फेफड़े और दिल को दान के लिए निकाल लिया। अंगों को सुरक्षित रूप से ले जाने के लिए क्षेत्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन से संपर्क किया गया।

अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन की मदद से घोषाल के फेफड़े चेन्नई भेजे गए, उनके लीवर और एक किडनी को शहर के ही एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया और उनकी कार्निया को कोलकाता के शंकर नेत्रालय अस्पताल ले जाया गया। निजी अस्पताल के उप चिकित्सा निदेशक अमित रॉय ने कहा अंग दान के बारे में अधिक जागरूकता कई लोगों की जान बचा सकती है।

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