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पेपर लीक मामला: पुलिस ने रातभर बस का पीछा किया, तब पकड़े गए गिरोह सरगना व 45 परीक्षार्थी

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उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सैकंड ग्रेड टीचर भर्ती पेपर लीक मामले में उदयपुर पुलिस ने प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस से पेपर लीक और नकल गिरोह के गिरोह सरगना सुरेश विश्नोई सहित 45 परीक्षार्थियों कुल 49 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी परीक्षार्थी एक ही बस में सवार थे।

बस में पकड़े गए इन 45 परीक्षार्थियों में 2 डमी कैंडीडेट थे, जबकि अन्य सभी कैंडीडेट असली थे, जिन्हें परीक्षा से पहले बस में प्रश्नपत्र दे दिया गया था। मास्टर माइंड सुरेश विश्नोई ने इन सभी परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाने की एवज में 10 से 15 लाख रूपए का सौदा किया था। मास्टर माइंड सुरेश विश्नोई जालोर में स्कूल का प्रिंसीपल है।

एसपी विकास शर्मा ने बताया कि पेपर लीक और नकल गिरोह का मास्टर माइंड जालोर निवासी सुरेश विश्नोई, सहयोगी भूपेन्द्र, 45 परीक्षार्थियों सहित कुल 49 लोगों को बस से गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए ज्यादातर परीक्षार्थी जालोर जिले के रहने वाले हैं और इसमें 7 महिला परीक्षार्थी भी गिरफ्तार हुई हैं। सुरेश विश्नोई को प्रश्नपत्र वाट्सएप पर भेजा गया था। पूछताछ कर पड़ताल की जा रही है कि प्रश्नपत्र भेजने वाला कौन है और गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।

सरगना के वाट्सएप पर आया प्रश्नपत्र, कार में प्रिंट निकाल परीक्षार्थियों में बांटा

डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि सभी परीक्षार्थी और गिरोह के सदस्य बस में थे, वहीं मास्टर माइंड सुरेश विश्नोई और उसका साथी बस के आगे-पीछे दूसरी गाड़ी में चल रहा था। सुरेश विश्नोई के गाड़ी में ही कंम्प्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य सामान रखा था। जिस बस में अभ्यर्थी थे, वह सांचोर लोक परिवहन सेवा की बस है।

बस से पकड़े गए सभी अभ्यर्थियों का परीक्षार्थियों का परीक्षा सेंटर उदयपुर जिले में था, सभी जालोर से एक ही बस में सवार होकर शुक्रवार रात को उदयपुर पहुंच गए थे। बस इन्हें रातभर उदयपुर-गोंगुंदा पिंडवाड़ा हाईवे पर लेकर घूमती रही। सुरेश विश्नोई ने अपनी कार में प्रिंटर रखा हुआ था। जैसे ही सुरेश विश्नोई को उसके मोबाइल वाट्सएप पर प्रश्नपत्र मिला, उसने प्रिंटर से प्रिंट लेकर सभी परीक्षार्थियों को बस में दे दिया। सभी परीक्षा बस में प्रश्नपत्र सॉल्व कर रहे थे। ताकि परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा देते समय उन्हें प्रश्नों के सही उत्तर आते हों। तभी पुलिस ने दबिश देकर सभी को पकड़ लिया।

बरामद प्रश्नपत्र और असली प्रश्नपत्र के ज्यादातर सवाल हूबहू

डीएसपी महेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह बस सभी परीक्षार्थियों को एक जगह ड्रॉप करने वाली थी। उस जगह से सभी अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केन्द्रों तक खुद पहुंचना था, ताकि किसी को पेपर लीक का संदेह न हो। बस में अभ्यर्थियों से जो प्रश्नपत्र बरामद हुए हैं और असली प्रश्नपत्र के ज्यादातर सवाल एक जैसे हैं।

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