उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। झीलों की नगरी में लोक संस्कृति के अनूठे पर्व शिल्पग्राम उत्सव का बुधवार को आगाज हो गया। प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र ने पारंपरिक नगाड़ा बजाकर एवं दीप प्रज्जवलित कर उत्सव का शुभारंभ किया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उदयपुर का यह शिल्पग्राम देशभर में विख्यात है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां पर राजस्थान, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र की ग्रामीण और स्वदेशी संस्कृति एक साथ अनुभूत की जा सकती है। इन सभी राज्यों के विभिन्न जातीय समुदायों की संस्कृति, उनकी जीवनशैली और परंपराओं को यहां झोपडि़यों में दर्शाया गया है। शिल्पग्राम उत्सव में 400 शिल्पकार और 700 लोक कलाकार भाग ले रहे हैं। यहां लोगों के लिए शिल्प और कलाओं का अनमोल खजाना है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोहा
शिल्पग्राम उत्सव के उद्घाटन अवसर पर मुख्य रंगमंच पर समागम के आयोजन के अंतर्गत 9 राज्यों के सवा दो सौ कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरूआत प्रोलोग से हुई, जिसमें दीपों से उत्सव का प्रकाश फैलाया। इसके बाद पश्चिम बंगाल के श्री खोल नृत्य से कार्यक्रम की शुरूआत हुई। इसके बाद जम्मू कश्मीर रॉफ, असम का बोडई शिखला, उडीसा को गोटीपुआ, महाराष्ट्र का लावणी, गोवा का समई, झारखण्ड का छऊ गुजरात का डांग और पंजाब के भांगड़े की प्रस्तुतियां सम्मोहक रही।
राज्यपाल ने दिया लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
राज्यपाल ने जयपुर के तमाशा कलाकार व रंगकर्मी दिलिप कुमार भट्ट और अहमदाबाद के संस्कृति कर्मी तथा जनजाति कला के उन्नयन में उल्लेखनीय कार्य करने वाले डॉ भगवान दास पटेल को पद्मभूषण डॉ कोमल कोठारी स्मृति लाइफ टाइम अचीवमेन्ट पुरस्कार प्रदान किया।
शुभारंभ समारोह में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री गोविन्द गावड़े, बेणेश्वर धाम के महंत अच्युतानंद, पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र निदेशक किरण सोनी गुप्ता, चुनाव आयुक्त मधुकर गुप्ता, संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट, जिला कलक्टर ताराचंद मीणा, ओएसडी गोविन्द जायसवाल आदि मौजूद रहे।
संत मावजी रचित चित्रों की प्रदर्शनी का किया उद्घाटन
समारोह की शुरूआत में राज्यपाल ने संगम सभागार में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा बेणेश्वर धाम के संत मावजी महाराज के चोपड़ों में समाहित चित्रों का छायांकन कर प्रलेखन किए गए चित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसके सौंदर्य की सराहना की।

