राज्य स्तरीय बैठक में एसीएस सुबोध अग्रवाल ने की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा
जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। अतिरिक्त मुख्य सचिव जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा है कि प्रदेशवासियों के लिए पेयजल वितरण के सभी 33769 जलाशयों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने के लिए कम्प्यूटरीकृत मॉनिटरिंग व्यवस्था की जाएगी।
एसीएस डॉ.सुबोध अग्रवाल ने गुरुवार को जल भवन में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में बताया कि प्रदेश में 24409 भूतल जलाशय, 4415 स्वच्छ जलाशय और 4939 उच्च जलाशयों से पेयजल वितरण किया जाता है। इन जलाशयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि तय समय पर साफ-सफाई का कार्य हो सकें।
प्रदूषित पानी की समस्या को देखते हुए संबंधित जिलों की 2583 किमी से अधिक की पुरानी व क्षतिग्रस्त पाईप लाइन चिन्हित की गई है, जिसमें से 886 किमी पाईप लाईन बदलने की स्वीकृति जारी कर दी गई हैं वहीं 1100 किमी पाईप लाइन बदलने के प्रस्ताव तैयार किये जा रहे हैं। 596 किमी पाईप लाइन बदलने के प्रस्ताव भी तैयार कर राज्य सरकार को प्रेषित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
एसीएस डॉ.सुबोध अग्रवाल ने पांच जिलों में जयपुर में 642 किमी, कोटा में 262 किमी, भरतपुर में 206 किमी, अजमेर में 150 किमी व बूंदी में 150 किमी पुरानी व क्षतिग्रस्त पाईप लाइन चिन्हित की गई है। भरतपुर में 130 किमी, कोटा में 91 किमी, बूंदी में 86 किमी, धौलपुर में 73 किमी और डूंगरपुर में 50 किमी पाईप लाइन बदली जानी है। इसमें से 886.95 किमी पाईप लाइन बदलने की स्वीकृति जारी कर दी गई है। 1100.30 किमी पाईप लाइन बदलने के प्रस्ताव तैयार किए जा चुके हैं। उन्होंने बैठक में शेष 595.91 किमी पाईप लाइन बदलने के प्रस्ताव तत्काल तैयार कर प्रेषित करने के निर्देश दे दिए गए है।
अधिकारी फिल्ड विजिट में भी पेयजल गुणवत्ता पर दे ध्यान
एसीएस डॉ- अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए। फील्ड में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों व विभाग के अधिकारियों को फील्ड में दौरे के दौरान पानी की गुणवत्ताए वहां जेजेएम सहित विभिन्न योजनाओं में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता पर भी नजर रखे। आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए सीधा संवाद कायम करें। समीक्षा बैठक में मिशन निदेशक जेजेएम अविचल चतुर्वेदी, संयुक्त सचिव राम प्रकाश, उप सचिव पीएचईडी गोपाल सिंह, मुख्य अभियंता आरके मीणा, केडी गुप्ता, विशिष्ठ परियोजना दिनेश गोयल, राकेश लुहाडिया, डीके गौड, शुभांशु दीक्षित व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

