Site iconSite icon AR Live News

जेल कर्मचारी ही बंदियों को पहुंचाते हैं अफीम, जर्दा, मोबाइल-सिम

jail employee caught to supply mobile drugs and tobacco to prisoners in jailjail employee caught to supply mobile drugs and tobacco to prisoners in jail

दो साल में 25 जेल अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई

लकी जैन,(एआर लाइव न्यूज)। जेल में बंदियों और बैरक्स की समय-समय पर होने वाली तलाशी में अक्सर मोबाइल, सिम, अफीम, जर्दा, गुटखा यहां तक की हथियार तक बरामद होते हैं। हर बार सवाल यही खड़ा होता है कि जेल में बंद बंदी के पास यह सामान पहुंचता कैसे है और शक की सुई जेल के अधिकारी-कर्मचारियों की तरफ ही जाती है।

जेल विभाग से प्राप्त जनवरी 2020 से जनवरी 2022 तक के आंकड़ों में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें जेल के अधिकारी और कर्मचारी ही बंदियों तक प्रतिबंधित सामान पहुंचाने में लिप्त पाए गए और विभाग ने ऐसे 25 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तक की है।

विभाग ने दो सालों में जेल के 25 अधिकारी और जेल प्रहरियों को राजस्थान सिविल सर्विस के नियम 17 सीसीए और 16 सीसीए के तहत नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की है, इसमें कुछ को तो तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और दो साल के लिए वेतन वृद्धि तक रोक दी गयी।
किसी को संदेह न हो, इसलिए इन जेल कर्मियों ने प्रतिबंधित सामान बंदियों तक पहुंचाने के लिए ऐसे-ऐसे तरीके इजाद कर लिए, मानो परीक्षा में नकल की पर्चियां छुपानी हों।

सबसे ज्यादा गुटखा, जर्दा, सिगरेट पहुंचाने के मामले

जेल में बंदियों को गुटखा, जर्दा, सिगरेट का ऐसा नशा होता है कि वे जेल प्रहरियों को उसके लिए कितनी ही कीमत चुकाने को तैयार हो जाते हैं। यही कारण है कि दो साल में जेल में बंदियों की तलाशी में 1609 जुटखा, जर्दा, बीड़ी, सिगरेट के पैकेट बरामद हुए थे। वहीं बंदियों से 572 मोबाइल भी बरामद हो चुके हैं।

प्रहरी अंतःवस्त्रों में छुपाकर लाते हैं प्रतिबंधित सामान

ज्यादातर पकड़े गए जेल प्रहरी अंडरवियर और अतःवस्त्रों में छुपाकर प्रतिबंधित सामान जेल के अंदर लेकर जाते हैं और बंदियों को पहुंचाते हैं। 2 मार्च 2020 को बीकानेर केन्द्रीय करागृह में तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ था, जब वहां तैनात उप कारापाल ने बंदी के कहने पर बाहर से एलईडी टीवी मंगवा दी थी और जब उस एलईडी की तलाशी हुई तो उसमें 30 मोबाइल, 3 चार्जर, 3 ईयर फोन व डोंगल बरामद हुए थे।

इस बरामदगी ने जेल प्रशासन को सकते में ला दिया था। इसमें जेल विभाग ने उपकारापाल को 17 सीसीए का नोटिस जारी कर दो वर्ष के लिए इनकी वेतन वृद्धि रोक दी थी। महिला जेल प्रहरी भी इसमें पीछे नहीं हैं, इनकी तलाशी में भी इनके अंतःवस्त्रों से कुबेर, जर्दे की पुड़ियां बरामद हो चुकी हैं।

यहां के इतने कर्मचारी दो साल में हुए दंडित

Exit mobile version