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उदयपुर में इंजीनियरिंग छात्र का मिला अधजला शव: हत्या या आत्महत्या, पुलिस पड़ताल में जुटी

udaipur engineering student murder or suicide burned dead body found in forest area near badi talabudaipur engineering student murder or suicide burned dead body found in forest area near badi talab
कॉलेज जाने की कहकर घर से निकला था, मुझे बस इतना बता दो कि मेरे बेटे के साथ हुआ क्या : मृतक के पिता

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। शहर से नजदीक गोरेला से बड़ी तालाब रोड किनारे झाड़ियों में युवक का अधजला शव मिलने से सनसनी फैल गयी है। युवक की पहचान सुखेर थाना क्षेत्र के भीलों के बेदला परतापुरा निवासी लविश वैष्णव (21) पुत्र संजय वैष्णव के रूप में हुई है।

लविश की हत्या हुई है या उसने खुदकुशी की है, पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है और बुधवार सुबह मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। युवक गीतांजलि इंजीनियरिंग कॉलेज से एमसीए कर रहा था और प्रथम वर्ष का छात्र था।

नाई थाने के एएसआई दिनेश कुमार ने बताया कि बीती शाम युवक का शव गोरेला क्षेत्र से सड़क से नजदीक जंगल-झाड़ियों में अधजली हालत में पड़ा मिला है। युवक के शरीर पर कोई चोट के निशान तो नहीं दिखे हैं, वहीं घटनास्थल पर पेट्रोल की एक खाली और एक भरी बोतल, युवक की बाइक और मोबाइल मिले हैं। मौके के हालात के अनुसार आग लगने के बाद युवक कुछ दूर तक भागा भी है।

प्रथमदृष्ट्या मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन हत्या की आशंका के चलते युवक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस ने कहा मामले की पड़ताल कर रहे हैं, अगर युवक ने खुदकुशी की है, तो किन कारणों से ऐसा कदम उठाया और उसके साथ कोई घटना कारित की गयी है, तो उन लोगों तक भी पहुंचा जाएगा।

पिता टेंपो चलाकर इकलौते बेटे को करा रहे थे एमसीए

पिता संजय ने बताया कि मंगलवार सुबह लविश कॉलेज जाने की कहकर घर से निकला था। शाम को पुलिस का फोन आया, बताया कि एक शव गोरेला क्षेत्र में मिला है, आकर पहचान कर लीजिए, आपके किसी परिचित का हो सकता है। संजय हॉस्पिटल पहुंचे और शव देखा तो वह उनका इकलौता बेटा लविश था।

इकलौते बेटे की मौत से टूट चुके संजय वैष्णव टेंपो चलाते हैं। उन्होंने बताया कि वे टेंपो चलाते हैं, बेटा पढ़लिख जाए और उसे कभी टेंपो नहीं चलाना पड़े, इसलिए उसे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवा रहे थे। बेटा लविश का इंजीनियरिंग कॉलेज के एमसीए में प्रवेश हो गया था और वह प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था।

सोचा था कि बच्चे की पढ़ाई पूरी होने के बाद वह नौकरी पर लग जाएगा और घर की आर्थिक स्थिति बेहतर हो जाएगी। लेकिन पता नहीं मेरे बेटे के साथ क्या हुआ। मेरी तो किसी से दुश्मनी भी नहीं थी। मुझे समझ नहीं आ रहा कि वह खुदकुशी क्यों करेगा, उसने कभी ऐसी कोई बात नहीं बताई कि वह परेशान है।

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