- भीलवाड़ा के चांदगढ में आयरन ओर के साथ तांबे के विपुल भण्डार के संकेत से खुशी की लहर : डॉ.अग्रवाल
- राजस्थान में देश का सर्वाधिक 54 प्रतिशत तांबा भण्डार
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान के भीलवाड़ा माइनिंग क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है, यहां के चांदगढ़ में आयरन ओर के साथ ही तांबे के विपुल भंडार होने के संकेत मिले हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि भीलवाड़ा के कोटडी तहसील के चांदगढ़ में आयरन ओर लोह अयस्क के एक्सप्लोरेशन के दौरान तांबा कॉपर के भण्डार मिलने के अच्छे संकेत मिले हैं।
विभाग द्वारा आरएसएमईटी के माध्यम से भीलवाड़ा के कोटडी के चांदगढ़ गांव में आयरन ओर के लिए 3500 मीटर ड्रिलिंग का कार्य करवाया जा रहा है। एक्सप्लोरेशन के शुरुआती दौर में ही आयरन ओर के साथ ही कॉपर के भण्डार मिलने के संकेत मिले हैं।
एसीएस माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा माइंस विभाग की समय समय पर आयोजित समीक्षा बैठकों के दौरान प्रदेश में खनिजों के एक्सप्लोरेशन कार्य को गति देने और अधिक से अधिक प्लॉट तैयार कर ऑक्शन करने के निर्देश दिए जाते रहे हैं।
5-6 मीटर खुदाई पर मिले आयरन ओर के साथ तांबे के नमूने
मुख्यमंत्री गहलोत के निर्देशों की अनुपालना में ही विभाग द्वारा राजस्थान राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट के वित्तीय व तकनीकी सहयोग से एक्सप्लोरेशन गतिविधियों में तेजी लाने का निर्णय किया गया है। माइंस मंत्री प्रमोद जैन भाया भी माइनिंग संभावित क्षेत्रों में एक्सप्लोरेशन कार्य पर जोर दिया जाता रहा है।
डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट द्वारा करवाये जा रहे ड्रिलिंग से क्षेत्र में स्ट्रेटेजिक मिनरल मिलना एक बड़ी उपलब्धि के रुप में देखा जा रहा है। अभी तक की गई कोर ड्रिलिंग के कोर के अध्ययन से क्षेत्र में खनिज तांबा व आयरन ओर के प्रचुर भण्डार की विपुल संभावनाएं है। शुरूआती अंबेषण व कोर ड्रिलिंग से मामूली गहराई 5-6 मीटर, 20-25 मीटर और 55-60 मीटर गहराई पर ही आयरन ओर के साथ ही तांबे के भण्डार के नमूने मिलना अच्छे संकेत के रुप में देखा जा रहा है।
निदेशक माइंस संदेश नायक ने बताया कि देश में सर्वाधिक लगभग 54 प्रतिशत कॉपर के भण्डार राजस्थान में हैं। राजस्थान के बाद झारखण्ड तथा मध्यप्रदेश स्थान आता है।

