Site iconSite icon AR Live News

जयपुर में चूड़ी बनाने वाली इकाइयों से 21 बाल मजदूरों को छुड़ाया, 5 गिरफ्तार

जयपुर (एआर लाइव न्यूज)। शहर में स्थानीय पुलिस और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने एनजीओ ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ के साथ मिलकर बचाव अभियान के तहत भट्टा बस्ती इलाके में चूड़ी बनाने वाली इकाइयों से 12-16 साल की उम्र के 21 बाल मजदूरों को छुड़ाया गया। पुलिस ने कार्यवाही के दौरान 5 चूड़ी बनाने वाली इकाइ मालिकों को गिरफ्तार किया, जबकि दो फरार हैं।

जानकारी के अनुसार बिहार के दूरदराज के इलाकों से शिक्षा और बेहतर जीवन का झांसा देकर सभी नाबालिकों को जयपुर लाया गया। और लंबे समय तक अमानवीय परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया गया। इनमें से 9 बच्चे बिहार के गया जिले से, 4-4 बच्चे अरवल और नालंदा जिले से और 2-2 बच्चे नवादा और औरंगाबाद जिले से हैं।

बंद बद्बूदार कमरे में 13 घंटे कराते थे काम

पुलिस पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उनसे एक बंद बद्बूदार कमरे में सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक काम कराया जाता था। जबकि उन्हें नियमित भोजन और आराम भी नहीं दिया जाता था। बच्चों को कारखाने के परिसर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी, मालिक उन्हें बाहर से बंद कर देता था। छोटी-छोटी बातों पर मालिक बुरी तरह पीटता था। पुलिस ने मामले में मो. फैयाज आलम, मो. शेख तबरेज, मो. शाहिद अफरीदी, मो. नोलेज आलम व मो. अजहर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि सरफराज अंसारी और सियाराम चौधरी फरार हैं, पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

बचपन बचाओ आंदोलन के निदेशक (नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित) मनीष शर्मा ने कहा कि हमारा संगठन सरकार के तस्करी विरोधी विधेयक का समर्थन करते हैं,उम्मीद है कि इसे संसद में जल्द ही पारित किया जाएगा।

Exit mobile version