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गुजरात चुनाव: सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में जेल में रहे डीजी वंजारा ने बनाई राजनीतिक पार्टी

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सभी 182 सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार

गांधीनगर,(एआर लाइव न्यूज)। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में 8 साल जेल में रहे गुजरात के सेवानिवृत आईपीएस डीजी वंजारा ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए “प्रजा विजय पक्ष” राजनीतिक पार्टी बनाई है। डीजी वंजारा ने कहा कि उनकी पार्टी गुजरात की 182 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

डीजी वंजारा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर कहा कि गुजरात में अभी भय और भ्रष्टाचार का माहौल है। गुजरात की जनता को इससे मुक्त कराने के लिए प्रजा विजय पक्ष पार्टी मैदान में आ रही है।वर्तमान सरकार ने देश के साधु संतों को सामान्य नागरिक बना दिया है, लेकिन साधु-संतों का स्थान सामान्य नागरिक से उपर होता है।

वंजारा ने कहा गुजरात सामान्य राज्य नहीं है, भारत एक बड़ी मोटी संस्कृति है। हमें सिर्फ राज्य नहीं चलाना, एक संस्कृति चलानी है। इसके लिए राज सत्ता के साथ धर्म सत्ता होनी चाहिए। भाजपा में राज सत्ता है, हम राज सत्ता और धर्म सत्ता को साथ लेकर चलेंगे।

गौरतलब है कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से डिस्चार्ज और पुलिस सेवा से सेवानिवृत होने के बाद से ही डीजी वंजारा के राजनीति में आने की चर्चाएं शुरू हो गयी थीं और इन्होंने राजनीति में सक्रियता दिखाते हुए भाजपा से टिकट मिलने का प्रयास भी किया था।

2010 से पहले गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के करीबी हुआ करते थे वंजारा

गुजरात के सेवानिवृत आईपीएस डीजी वंजारा 2010 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री (वर्तमान प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी के सबसे करीबी आईपीएस थे। डीजी वंजारा लंबे समय तक क्राइम ब्रांच में रहे और इसके बाद गुजरात एटीएस के मुखिया रहे और उसके बाद पाकिस्तान सीमा से सटी बॉर्डर रेंज के डीआईजी रहे।

डीजी वंजारा 2002 से 2005 तक अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस थे। उनकी पोस्टिंग के दौरान गुजरात में कई एनकाउंटर हुए। जिसमें सोहराबुद्दीन एनकाउंटर और इशरत जहान एनकाउंटर को फर्जी बताया गया और उनकी सीबीआई जांच भी हुई। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में डीजी वंजारा करीब 7 साल जेल में रहे। हालां कि 2017 में सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में मुंबई सीबीआई स्पेशल कोर्ट और 2018 में मुंबई हाईकोर्ट ने डीजी वंजारा को डिस्चार्ज (आरोप मुक्त) कर दिया था।

जेल से भेजा था इस्तीफा, मोदी सरकार पर लगाए थे कई गंभीर आरोप, तब से नरेन्द्र मोदी और डीजी वंजारा में हुई थी दूरियां

इस लिंक पर क्लिक कर पढ़े 2013 में डीजी बंजारा का जेल से भेजा गया इस्तीफा https://arlivenews.com/2022/11/08/gujarat-police-officer-vanzara-resignation-letter/ सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में जेल में रहने के दौरान भी डीजी वंजारा काफी चर्चा में रहे थे। इन्होंने 2013 में जेल से ही गुजरात सरकार को अपना इस्तीफा भेजा था, जिसे सरकार ने नामंजूर कर दिया था। इस इस्तीफे में वंजारा ने गुजरात में हुए एनकाउंटर्स को लेकर मोदी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। तब से सबसे करीबी डीजी वंजारा और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच दरार पड़ गयी थी और दोनों के बीच दूरियां बढ़ती चली गयीं।

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से डिस्चार्ज और पुलिस सेवा से सेवानिवृत होने के बाद से ही डीजी वंजारा के राजनीति में आने की चर्चाएं शुरू हो गयी थीं और इन्होंने राजनीति में सक्रियता दिखाते हुए भाजपा से टिकट मिलने का प्रयास भी किया था। हालां कि जब भाजपा से इन्हें टिकट नहीं मिला तो इन्होंने अपने स्तर पर राजनीतिक सक्रियता बढ़ाई और अब प्रजा विजय पक्ष नाम से राजनीतिक पार्टी बना दी है।

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