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मानगढ़ धाम में पीएम मोदी बोले- अशोक गहलोत सबसे सीनियर मुख्यमंत्री

Mangarh Dham Azadi ka Amrit Mahotsav PM narendra modi and CM Ashok GehlotMangarh Dham Azadi ka Amrit Mahotsav PM narendra modi and CM Ashok Gehlot

सीएम गहलोत ने कहा यह महात्मा गांधी का देश, इसलिए पीएम मोदी का होता विदेशों में सम्मान

मानगढ़,(एआर लाइव न्यूज)। बांसवाड़ा के मानगढ़धाम में मंगलवार को आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत धूली वंदना कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेरे लिए खुशी की बात है कि आज फिर एक बार मानगढ़ की धरती पर सिर झुकाने का अवसर मिला है।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए कहा कि मुख्यमंत्री के नाते अशोक जी और हम साथ-साथ काम करते रहे और अशोक जी हमारी जो मुख्यमंत्रियों की जमात थी, उसमें सबसे सीनियर थे और अब भी सबसे सीनियर मुख्यमंत्री हैं और अभी हम जो मंच पर बैठे हैं, उसमें भी अशोक जी सीनियर मुख्यमंत्रियों में से एक हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के योगदान, बलिदान को याद किया, उन्होंने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी दुनिया के मुल्कों में जाते हैं, तो इनको कितना सम्मान मिलता है, इतना सम्मान इसलिए मिलता है, क्यों कि नरेन्द्र मोदी उस देश के प्रधानमंत्री हैं, जो गांधी का देश है, जहां लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं, गहरी हैं और 70 साल बाद भी यहां लोकतंत्र जिंदा है।

पीएम मोदी और सीएम गहलोत ने एक साथ मंच साझा किया

ऐसे बहुत कम मौके देखने को मिले हैं, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक साथ मंच साझा किया हो और एक-दूसरे के पास बैठकर बातें की हों। मानगढ़ धाम में हुए कार्यक्रम में मंच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

मानगढ़ नरसंहार को इतिहास में वो जगह नहीं मिली, जो मिलनी चाहिए थी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी गोविंद गुरू को याद किया। उन्होंने कहा गोविंद गुरू के पास कोई रियासत नहीं थी, लेकिन फिर भी वे लाखों-लाखों आदिवासियों के नायक थे। वो एक लोक नेता भी थे, जिन्होंने न सिर्फ अंग्रेजों की हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया, बल्कि समाज की बुराइयों के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी।

मानगढ़ नरसंहार को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा 17 नवम्बर 1913 को मानगढ़ में जो नरसंहार हुआ, वो अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की पराकाष्ठा थी। मानगढ़ की इस पहाड़ी पर अंग्रेजी हुकूमत ने डेढ़ हजार से ज्यादा आदिवासी युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं को घेरकर मौत के घाट उतार दिया। दुर्भाग्य से आदिवासी समाज के इस संघर्ष और बलिदान को आज़ादी के बाद लिखे गए इतिहास में जो जगह मिलनी चाहिए थी, वो नहीं मिली। आज़ादी के अमृत महोत्सव में आज देश उस कमी को पूरा कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग की

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आमजन को संबोधित करते हुए देश की आजादी में आदिवासी समाज और गोविंद गुरू के योगदान को याद किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की भी मांग की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना पूरे देश में लागू करें और बांसवाड़ा को रेल लाइन से जोड़ने के लिए भी अपील की।

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