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लाईम स्टोन-लौह अयस्क भण्डारों की खोज के लिए ड्रिलिंग कार्य शुरू

Department of Mines & Geology rajasthanDepartment of Mines & Geology rajasthan

राजसमंद, भीलवाड़ा, जोधपुर और झुन्झुनू जिलों में स्थान हुए चिन्हित

ड्रिलिंग कार्य पर करीब 6 करोड़ 50 लाख रुपए खर्च होंगेे

जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। राजसमंद, भीलवाड़ा, जोधपुर व झुन्झुनू जिलों में मेजर मिनरल लाईम स्टोन व अयारन ओर(लौह अयस्क) के भण्डारों की खोज, गुणवत्ता और अध्ययन के लिए 12 हजार 300 मीटर ड्रिलिंग का काम शुरू हो गया हैं।

एसीएस माइंस डॉ.सुबोध अग्रवाल ने बताया कि लक्ष्य के मुकाबले 9300 मीटर ड्रिलिंग का कार्य शुरु कर दिया गया है और करीब 3 हजार 500 मीटर ड्रिलिंग कार्य हो चुका है। ड्रिलिंग कार्य पर करीब 6 करोड़ 50 लाख रुपए खर्च होंगेे। यह कार्य विशेषज्ञ संस्थाओं से करवाया जा रहा है ताकि कार्य की गुणवत्ता व समयवद्धता सुनिश्चित की जा सके। इस पर होने वाली राशि का वहन राजस्थान राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट आरएसएमईटी द्वारा किया जाएगा।

अधिकतम 50 से 100 मीटर गहराई में ड्रिलिंग होगी

भीलवाड़ा की कोटडी तहसील के चांदगढ़ में आयरन ओर के लिए 3500 मीटर ड्रिलिंग कार्य आरंभ किया गया है। अधिकतम 100 मीटर गहराई के 35 बोर होल्स की ड्रिलिंग होगी। खनिज लाईम स्टोन के नए भण्डारों की खोज के लिए मांडलगढ़(भीलवाड़ा) के निकट ग्राम अमरतिया, लाड़पुरा, श्यामगढ़ तहसील में 3100 मीटर ड्रिलिंग के लिए 31 बोर होल्स होंगे। राजसमन्द की भीम तहसील के हातुन में 1500 मीटर ड्रिलिंग के लिए अधिकतम 50 मीटर गहराई के 30 बोर होल्स व जोधपुर जिले के बिलाड़ा तहसील के बिलाड़ा के पास कुल 1000 मीटर ड्रिलिंग के लिए 20 बोर होल्स का कार्य शुरु कर दिया गया है।

डॉ.सुबोध अग्रवाल ने बताया कि झुन्झुनू जिले की उदयपुर वाटी के पास 200 मीटर ड्रिलिंग होगी। इसमें 50 मीटर गहराई के 04 बोर होल्स ड्रिलिंग होगी। आरएसएमईटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि खनिज खोज कार्य को गति देने के लिए मेजर और माइनर मिनरल के नए क्षेत्र चिन्हित किए जा रहे हैं।

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