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पटवारी 25 लाख 21 हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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रिश्वत में 25 लाख रूपए की डमी करेंसी का किया गया उपयोग

जोधपुर,(एआर लाइव न्यूज)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बुधवार को जोधपुर में हल्का पूंजला के पटवारी बीरबलराम विश्नोई को 25 लाख 21 हजार रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया हैं। खासबात है कि एसीबी ने रिश्वत राशि में 25 लाख रूपए डमी करेंसी शामिल की, जबकि 21 हजार रूपए ही असली भारतीय मुद्रा थे।

परिवादी मनोज ग्वाला एक कोलोनाइजर है और उसकी करोड़ों रूपए कीमत की 2 बीघा जमीन है, पटवारी बीरबल ने इसी जमीन का नामांतरण खोलने और तरमीम करने के बाद जमाबन्दी, नामांतरण की प्रतिलिपि देने की एवज में परिवादी से उक्त भूखंड में से एक प्लॉट और 50 लाख रूपए रिश्वत की मांग की थी।

एसीबी डीजीपी भगवान लाल सोनी ने बताया कि पटवारी बीरबलराम विश्नोई पुत्र खींयाराम को परिवादी से 25 लाख 21 हजार रूपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। परिवादी ने एसीबी कार्यालय जोधपुर में पटवारी बीरबलराम विश्नोई के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।

परिवादी से पहले भी वसूल चुका था 50 हजार रूपए

परिवादी ने जब जमीन खरीदी थी, तब भी पटवारी परिवादी से 50 हजार रूपए वसूल चुका था। हर दस्तावेजी कार्यवाही में पटवारी रिश्वत मांग रहा था और नहीं देने पर परिवादी को परेशान कर रहा था। जब बात नामांतरण करवाने की आयी तो पटवारी ने हद कर दी, परिवादी से 50 लाख रूपए और एक प्लॉट की रजिस्ट्री ही रिश्वत में मांग ली।

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर आज पटवारी बीरबल को परिवादी से 25 लाख 21 हजार रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

जोधपुर में एसीबी एडिएसपी दुर्ग सिंह ने बताया कि परिवादी मनोज ग्वाला ने एक साल पहले भदवासिया में 2 बीघा से ज्यादा जमीन खरीदी थी। आज उक्त जमीन की कीमत करोड़ों में है। परिवादी ने जब वह जमीन खरीदी थी, पटवारी बीरबल तब से ही उसके पीछे लगा था और जमीन के दस्तावेजी कार्यवाही करने की एवज में परिवादी से रूपए मांग रहा था। परिवादी पटवारी बीरबल से काफी परेशान हो चुका था।

25 लाख रूपए की डमी करेंसी रिश्वत राशि में शामिल की

परिवादी मनोज ग्वाला के लिए 25 लाख रूपए का इंतजाम करना काफी मुश्किल था। परिवादी ने एसीबी में शिकायत कर यह समस्या भी रखी। इस पर एसीबी टीम ने रिश्वत राशि में डमी करेंसी का उपयोग किया। एसीबी ने 25 लाख रूपए की डमी करेंसी का इंतजाम किया और परिवादी ने 21 हजार रूपए भारतीय मुद्रा दिए।

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