उत्तराखंड,(एआर लाइव न्यूज)। उत्तराखंड के सीमावर्ती जिला उत्तरकाशी में द्रौपदी का डांडा-2 पर्वत चोटी के पास मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां हिमस्खलन होने से नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के 28 पर्वतारोही फंस गए। इनमें 10 लोगों की मौत हो गई, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं 8 पर्वतारोहियों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना को रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने का निर्देश दिया है। भारतीय वायु सेना ने बचाव और राहत कार्यों के लिए अपने 2 चीता हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं, जबकि अन्य सभी हेलिकॉप्टरों के बेड़े को किसी भी अन्य आवश्यकता के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि नेहरू पर्वतारोही संस्थान (निम) के प्रधानाचार्य अमित बिष्ट के अनुसार निम के 40 प्रशिक्षुओं का दल द्रोपदी का डांडा-2 पर गए थे। घटनास्थल पर निम के पास दो सेटेलाईट फोन मौजूद हैं। रेस्क्यू अभियान के लिए निम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाये हुए हैं।
अमित शाह ने ट्वीट किया कि उत्तरकाशी में हुई हिमस्खलन की घटना अत्यंत दुःखद है। इस संबंध में मैंने अधिकारियों से बात की है। स्थानीय प्रशासनए व सेना की टीमें पूरी तत्परता से राहत.बचाव कार्यों में जुटी हैं।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया कि उत्तरकाशी में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान द्वारा चलाए गए पर्वतारोहण अभियान में भूस्खलन के कारण हुए बहुमूल्य जीवन के नुकसान से गहरा दुख हुआ है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएंए जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।

