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बैंक से लिया कर्ज नहीं चुका पाने पर 128 किसानों ने बेची भूमि

गोण्डा (एआर लाइव न्यूज) विकास कुमार सोनी। देवीपाटन मंडल के 128 किसानों ने यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक से संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत कर्ज लिया और एवज में अपनी भूमि बैंक के पास बंधक रख दी। समय पर कर्ज नहीं चुका सकने पर बैंक ने कर्ज वसूली के लिए कड़ी कार्रवाई करने का दबाव बनाया। इस कारण कई किसानों ने अपनी जमीन ही बेच दी। देवीपाटन मंडल में गोण्डा के अलावा बहराइच , बलरामपुर और श्रावस्ती जिला शामिल है। चारों जिलों में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की 13 शाखाएं संचालित हैं।

किसानों को सूचीबद्ध कर उनके खाते किये एनपीए

सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत खेती-किसानी, ट्रैक्टर, बागवानी, पंपिंग सेट, मछली पालन, पशुपालन आदि के लिए कर्ज दिया जाता। देवीपाटन मंडल के 128 किसानों ने बैंक से संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत करीब दो करोड़ 52 लाख रुपये का कर्ज लिया। कई किसान मौसम और समय की मार की वजह से समय से कर्ज की किस्तें नहीं चुका सके।

बैंक अफसरों ने किस्त टूटती देखकर किसानों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। काफी कोशिशों के बाद वसूली न होने पर इन ऋण खातों को एनपीए की श्रेणी में डाल दिया गया। एनपीए होने के बाद जब बकाएदार किसानों पर कार्रवाई तेज हुई तो उन्हें मजबूरन अपनी भूमि बेचनी पड़ी। जब बैंक अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इसकी सूची बनानी शुरू कर दी। साथ ही पूरे मामले का ब्योरा उच्चाधिकारियों को भी भेजा गया। वहीं इन किसानों से बैंक अफसरों ने फिर राब्ता कायम किया।

वसूली के लिए लगाए कर्मचारी

क्षेत्रीय प्रबंधक कुमार विजय प्रताप ने बताया कि हमारे बैंक से लोन लेने के बाद मंडल के 128 किसानों ने अपनी भूमि बेच दी हैं। सभी का ब्योरा तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि बैंक के शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारी वसूली के लिए लगाए गए है। फिलहाल विभिन्न शाखाओं से कर्ज लेने वाले 10 किसानों से बातचीत चल रही है। जो ओटीएस के तहत अपना खाता बन्द कर देंगे। बाकी किसानों को भी ओटीएस की जानकारी दी गई है ।

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