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कन्हैयालाल हत्याकांडः उदयपुर के 20 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस, विभाग में हड़कंप

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पुलिस मुख्यालय ने दिए नोटिस: मेजर पनिशमेंट की श्रेणी में आता है 16-सीसी का नोटिस
16-सीसी के तहत जब तक चलेगी विभागीय जांच, नहीं होंगे प्रमोशन और फील्ड पोस्टिंग

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर में तीन महीने पहले हुए कन्हैयालाल हत्याकांड के मामले में पुलिस मुख्यालय ने उदयपुर के 15 से 20 पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को 16-सीसी और 17-सीसी के नोटिस दिए हैं। इसमें संबंधित पुलिस अधिकारी, थानों के थानाधिकारियों और पुलिसकर्मियों की घटनाक्रम में रही चूक और लापरवाही को लेकर जिम्मेदारी तय की गयी है।

जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के तहत कन्हैयालाल हत्याकांड के समय उदयपुर में तैनात धानमंडी, सूरजपोल, भूपालपुरा और सुखेर थानाधिकारियों, संबंधित थानों के हेडकांस्टेबल और बीट कांस्टेबल सहित तत्कालीन पुलिस अधिकारियों को भी सर्विस रूल्स 16-सीसी और 17-सीसी के तहत नोटिस दिया है। पुलिस अधिकारी-कर्मचारी द्वारा बरती गयी लापरवाही की गंभीरता के अनुसार पुलिस विभाग ने इन्हें 16 सीसी और 17 सीसी के नोटिस दिए हैं।

इसलिए मिले नोटिस

धानमंडी : कन्हैयालाल को धमकी मिली थी, जिसकी रिपोर्ट धानमंडी में थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और हत्याकांड का पूरा घटनाक्रम इसी थाना क्षेत्र में हुआ।

भूपालपुरा : कलेक्ट्री भूपालपुरा थाना क्षेत्र में आती है। 20 जून को कलेक्ट्री के बाहर हुए प्रदर्शन में आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे। विभाग का मानना है कि भूपालपुरा थाने और कलेक्ट्री स्थित चौकी पर तैनात पुलिसअधिकारी और कर्मचारियों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए था।

सूरजपोल : हत्याकांड को अंजाम देने वाले आतंकी बीते कई सालों से सूरजपोल थाना क्षेत्र में रह रहे थे और हत्याकांड की साजिश भी यहीं से रची गयी थी।

सुखेर : आतंकी घटनाक्रम को अंजाम देने के बाद फरार होकर सुखेर स्थित फैक्ट्री में छुपे थे और वहीं से वीडियो बनाकर वायरल किया था।

डीएसबी : जिला पुलिस की डीएसबी शाखा कलेक्ट्री के बाहर होने वाले सभी प्रदर्शनों की गोपनीय तरीके से निगरानी कर रिपोर्ट बनाती है और एसपी को देती है।

जब तक इनक्वॉयरी चलेगी, प्रमोशन नहीं होंगे और फील्ड पोस्टिंग नहीं मिलेगी

16 सीसी का नोटिस: यह विभाग द्वारा पुलिसकर्मी को दी गयी मेजर पनिशमेंट की कैटेगरी है। 16-सीसी नोटिस के तहत जब तक मामले की जांच चलेगी, तब तक उक्त पुलिस अधिकारी या पुलिसकर्मी का न तो कोई प्रमोशन होगा और अधिकारी चाहें तो उसे तब तक फील्ड पोस्टिंग से भी हटा सकते हैं और निलंबित भी कर सकते हैं। जांच में अगर पाया जाता है कि उक्त कार्य में पुलिसकर्मी ने जानबूझकर लापरवाही बरती तो विभाग उसे नौकरी से बर्खास्त भी कर सकता है।

17 सीसी का नोटिस : पुलिसकर्मी के खिलाफ जांच चलती है, हालां कि प्रमोशन और फील्ड पोस्टिंग में उसे दीर्घकालिक नुकसान नहीं होता है।

कन्हैयालाल हत्याकांड में चार्जशीट पेश करने के लिए एनआईए ने कोर्ट ने 90 दिन और मांगे

जयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड आतंकी घटना की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने मामले में चार्जशीट पेश करने के लिए कोर्ट से और समय मांगा है। एनआईए ने जयपुर में स्पेशल कोर्ट से आग्रह किया है कि वे मामले में और आरोपियों की तलाश कर रहे हैं, ऐसे में चार्जशीट दाखिल करने के लिए उन्हें 90 दिन और दिए जाएं।

किसी भी मामले में जांच एजेंसी को तीन महीने में चालान पेश करना होता है। आतंकियों ने उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड आतंकी घटना को 28 जून को अंजाम दिया था। 28 सितंबर को इस आतंकी घटना के तीन महीने हो जाएंगे। ऐसे में तीन महीने की मियाद पूरी होने से पहले ही एनआईए ने कोर्ट से आग्रह कर चार्जशीट पेश करने के लिए और समय मांगा है।

गौरतलब है कि उदयपुर में आतंकियों ने कन्हैयालाल हत्याकांड को 28 जून को अंजाम दिया था और निर्मम हत्या का एक वीडियो भी आतंकियों ने वायरल किया था। घटना के बाद फरार हो रहे आतंकियों रियाज अख्तारी और गोस मोहम्मद को पुलिस ने राजसमंद जिले से गिरफ्तार कर लिया था। तब से आतंकी एनआईए की कस्टडी और न्यायिक हिरासत में हैं। मामले में अब तक 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

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