जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राज्य सरकार ने गुरूवार को राजस्थान विधानसभा में राइट टू हेल्थ बिल पेश किया है, इस बिल के विरोध में शुक्रवार को निजी अस्पतालों के संचालक और चिकित्सकों ने जयपुर के स्टैच्यु सर्किल पर इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और जयपुर मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों ने कहा कि इस बिल के दायरे में निजी अस्पताल भी आएंगे, तो बिल लाने से पहले सरकार को एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से चर्चा करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने एसोसिएशन के किसी भी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया है।
इमरजेंसी में निशुल्क उपचार देंगे, लेकिन उसका भुगतान कौन करेगा
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. रजनीश शर्मा ने कहा कि इस बिल में कहा गया है कि कोई भी अस्पताल मरीज को इलाज देने से मना नहीं कर सकता, लेकिन इस बिल के दायरे में कौन से अस्पताल आएंगे, यह स्पष्ट नहीं है। अब पेट का डॉक्टर सिर का इलाज तो कर नहीं सकता।
इसके अलावा बिल में कहा गया है कि इमरजेंसी के दौरान निजी अस्पतालों को बिना किसी शुल्क के मरीज का इलाज करना होगा, लेकिन इसका भुगतान कौन करेगा, इस बारे में अभी कोई जानकारी बिल में मौजूद नहीं है। कोई भी प्राइवेट अस्पताल निशुल्क इलाज नहीं कर सकता, निशुल्क इलाज के लिए सरकार ने सरकारी अस्पताल खोल रखे हैं। प्रदेश में करीब 60% मरीज निजी अस्पतालों में जाकर उपचार लेते हैं, लेकिन सरकार ने इन निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों से बिल को लेकर कोई चर्चा तक नहीं की।

