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जयसमंद भी छलका: कई दिनों से था इंतजार…

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उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। 9 नदियों और 99 नालों से आने वाले पानी को समाहित करने की क्षमता रखने वाला जयसमंद आखिरकार मानसून विदा होने से पहले शुक्रवार को छलक ही गया। बारिश का क्रम टूटने के बावजूद 8.38 मीटर(27.5 फीट) पूर्ण भराव स्तर वाले जयसमंद में कैचमेंट के नदी नालों से धीरे-धीरे पानी की आवक बनी रही। इससे पाल पर बने अंतिम हाथी के पांव की जंजीर के पानी टच होते ही जयसमंद छलक गया।

जलसंसाधन विभाग के एक्सईएन हेमंत पनडिय़ा की मॉनिटरिंग में विभाग की टीम देर रात तक जयसमंद के जलस्तर पर नजरें गड़ाए रही। जयसमंद (14650 एमसीएफटी भराव क्षमता) के छलकने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए जरूरत अनुसार पानी मिलने के साथ ही साल भर उदयपुर शहर में पेयजल वितरण व्यवस्था को भी मजबूती मिल सकेगी। जलसंसाधन विभाग ने जयसमंद से सालाना 500 एमसीएफटी पानी पेयजल वितरण केे लिए जलदाय विभाग के लिए आरक्षित किया हुआ है।

मानसून आने से पहले 3.48 मीटर ही था जयसमंद का गेज

इस साल मेवाड़ में मानसून के आने से पहले 21 जून को जयसमंद का जलस्तर 8.38 मीटर के मुकाबले 3.48 मीटर ही था। तब जयसमंद में पूर्ण भराव क्षमता के मुकाबले 50 फिसदी पानी उपलब्ध था। 1 जुलाई को मानसून मेवाड़ पहुंचा और 21 जुलाई को जयसमंद का जलस्तर 3.63 मीटर पर पहुंचा। इसके बाद 1 अगस्त को 3.65 मीटर, 21 अगस्त को 5.96 मीटर, 1 सितंबर को 7.52 मीटर और 21 सितंबर को 8.33 मीटर और शुक्रवार को 8.36 मीटर पर पहुंचा। इसके बाद भी धीरे-धीरे पानी की आवक बनी रही और आखिरकार जयसमंद छलक ही गया।

इस मानसून में जयसमंद में हुई सबसे अधिक बारिश

उदयपुर संभाग में इस मानसून में सबसे अधिक कुल 1766 मिलीमीटर बारिश उदयपुर जिले के जयसमंद क्षेत्र में हुई है। जबकि गोगुंदा मेंं 1258 व कोटड़ा में 1258 मिमी बारिश हुई हैं। प्रतापगढ़ 1469, अरनोद 1312, बागीदौरा 1137 और बांसवाड़ा जिले में गढ़ी में 1110 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। उदयपुर शहर में इस पूरे सीजन में 753 मिमी बारिश हुई है।

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