पीड़िता के पक्ष द्रोही होने पर पोस्को न्यायालय ने अभियुक्त को दोषमुक्त किया
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के विशेष न्यायालय पोस्को क्रम संख्या 2 ने नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म के मामले में पीड़िता के बयानों के बाद अभियुक्त भरत कुमार प्रजापत को दोषमुक्त कर दिया है। पीड़िता ने कोर्ट में कहा कि मैं उस समय बालिग थी, जब मैं घर छोड़कर भरत कुमार के साथ गयी थी और हम सिरोही में पति-पत्नी की तरह रहे।
जबकि पीड़िता के पिता ने उम्र गलत दर्शा कर न्यायालय व पुलिस से बेटी के बालिग होने का तथ्य छिपाकर अभियुक्त के विरुद्ध अपहरण, बलात्कार और पोक्सो एक्ट के तहत झूठा प्रकरण दर्ज करवाया था। मामला उदयपुर के फलासिया थाना क्षेत्र का है।
युवति ने कोर्ट में पेश किया पंचायत से जारी हुआ जन्म प्रमाण पत्र
फलासिया क्षेत्र निवासी युवति ने कोर्ट में बयान दिए कि उसके पिता ने आटा-साटा प्रथा के तहत उसका विवाह एक ऐसे लड़के से तय कर दिया था, जो विकलांग था और उम्र में काफी बड़ा था। युवति परिचित सिरोही निवासी भरत कुमार प्रजापत से शादी करना चाहती थी। युवति भरत से फलासिया में हुए एक प्रोग्राम में मिली थी, जहां भरत डीजे साउंड बजाने के लिए आया करता था।
अभियुक्त के एडवोकेट हरीश पालीवाल ने बताया कि न्यायालय में पीड़िता ने अपने पिता द्वारा तथ्य छिपाकर प्रकरण दर्ज कराए जाने का खुलासा किया और पंचायत से जारी हुए जन्म प्रमाणपत्र की प्रति देते हुए स्वयं को बालिग बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद और अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कुलदीप परिहार ने 10 गवाहों और 22 दस्तावेजों को प्रदर्शित कराए जाने के बाद मामले की सुनवाई में अभियुक्त को निर्दोष पाते हुए अपराध से बरी कर दिया।
पिता ने बेटी को नाबालिग बताकर दर्ज करवाया था मामला
जानकारी के अनुसार 29 दिसंबर 2021 को युवति घर से चली गयी थी। उसके पिता ने गलत दस्तावेज पेश कर बेटी को नाबालिग बता 31 दिसंबर 2021 को फलासिया थाने में भरत कुमार के खिलाफ लड़की के अपहरण, दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया था। उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने लड़की को नाबालिग माना और भरत कुमार के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी।

