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मानसूनी मेहरबानी: मेवाड़ के 219 प्रमुख बांध-झीलों में से 86 छलक रहे, 36 लबालब

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मानसून का सीजन अभी है बाकी, कई तालाबों में पानी की आवक जारी

उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। मानसून का शुरूआती दौर मेवाड़ में भले ही कमजोर रहा हो, लेकिन बाद के दौर में मानसून ने उम्मीद अनुरूप मेहरबानी बरसायी। उसका नतीजा यह हुआ कि मानसून विदा होने से पहले पहले माही, जाखम, फतहसागर और पीछोला सहित मेवाड़ के अधिकांश बांध, तालाब और झीलें न केवल लबालब हुए बल्कि उन पर चादर भी चल गई।

इतना जरूर है कि विश्व विख्यात जयसमंद और राजसमंद जैसी प्रमुख झीलें अभी भी लबालब नहीं हुई है। इसमें राजसमंद का लेकर चिंता ज्यादा बनी हुई हैं क्योंकि इसमें अभी तक उम्मीद अनुरूप पानी नहीं आया है।

जलसंसाधन विभाग के उदयपुर जोन के अंतर्गत उदयपुर संभाग के जिलों और भीलवाड़ा जिले को मिलाकर कुल 219 प्रमुख बांध-झीलें है। इनमें से अब तक 86 पर चादर चल चुकी है जबकि 36 लबालब हो चुके है। इसमें संभाग का सबसे बड़ा माही बांध भी शामिल है। इसके सभी 16 गेट भी इस मानसून में खुल चुके है। जबकि मानसून आने के एक माह की अवधि तक जब सावन आधा बीत चुका था, तब इन 219 बांधों, झीलों में से 25 बांध- झीलों पर ही चादर चली थी और 5 बांध, तालाब लबालब हुए थे। उस समय उदयपुर जिले में 50 प्रमुख बांधोंं में से 14 प्रमुख पर चादर चल चुकी थी और 1 बांध लबालब हो चुका था। बड़ी तालाब, मदार बड़ा और छोटा तालाब सहित जिले के कई तालाबों पर चादर चलने का क्रम बना हुआ है।

219 बांध : क्षमता के मुकाबले 83 फिसदी पानी आ चुका

219 बांधों में वर्तमान में क्षमता के मुकाबले कुल 83 फिसदी पानी उपलब्ध है जबकि मानसून आने के एक माह तक यह आकड़ा 49 फिसदी तक ही पहुंचा था। वर्तमान में 6 बड़े बांधों में 90 फिसदी पानी उपलब्ध है जबकि मध्यम श्रेणी के 22 बांधों में 62 फिसदी व 191 छोटे बांधों में 76 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।

जयसमंद के छलकने का इंतजार बढ़ रहा

विश्वविख्यात जयसमंद के लबालब होकर छलकने को लेकर लोगों में इंतजार बढ़ता जा रहा है।इसमें पानी की आवक तो बनी हुई है, लेकिन बारिश का क्रम टूटने से झील की जरूरत के मुकाबले पानी कम आ रहा है। जयसमंद का जलस्तर 8.38 मीटर के मुकाबले 7.80 मीटर पर पहुंच चुका है। यह क्षमता के मुकाबले 93 फिसदी भर चुका है। इधर ऐतिहासिक राजसमंद झील अभी भी काफी खाली होने से लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। राजसमंद झील का जलस्तर 9.15 मीटर के मुकाबले 1.46 मीटर ही हुआ है।

मानसून ने 1 जुलाई को मेवाड़ मेंं प्रवेश किया था

इस साल 30 जून को कोटा-भरतपुर संभाग के रास्ते मानसून का राजस्थान में प्रवेश हुआ था और 1 जुलाई को मेवाड़ में पहुंचा। वर्तमान में उदयपुर जिले में 36 पर चादर चल चुकी है और 5 बांध लबालब हो चुके है। इससे साफ होता है कि शुरूआती दौर में मानसून ने भले ही उम्मीद अनुरूप बारिश नहीं की, लेकिन उसके बाद मानसून की सक्रियता बढ़ती गई और लोगों की उम्मीद अनुरूप बांध, तालाब, झीलों में पानी की आवक भी हो गई। कई बांधों, झीलों में अभी भी आवक बनी हुई है ऐसे में मानसून विदा होने तक कुछ और बांध, झीलों के भी लबालब होकर छलकने की उम्मीद अभी भी बंधी हुई है।

अब तक जयसमंद में सबसे अधिक बारिश

इस मानसून में अब तक सबसे अधिक बारिश उदयपुर जिले के जयसमंद क्षेत्र में हुई है। यहां कुल 1560 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर 1450, अरनोद 1222,चित्तौड़ जिले के गंभीरी में 1411 जेतपुरा(भीलवाड़ा) में 1342 मिमी बारिश हो चुकी है। इस हिसाब में मेेवाड़ में बारिश के मामले में जयसमंद सबसे आगे है।

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