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जिंक कौशल केन्द्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर 13 मूकबधिर प्रशिक्षणर्थियों का हुआ प्लेसमेंट

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प्रशिक्षण पूरा कर आत्म विश्वास की वाणी और हौसलों की उड़ान से परिपूर्ण दिखे विशेष योग्यजन

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गयी पहल के तहत मंगलवार को विशेषयोग्यजन युवाओं के प्रशिक्षण पूर्ण करने और इनके प्लेसमेंट होने के अवसर पर समारोह आयोजित हुआ। हिंदुस्तान जिंक के देबारी में संचालित जिंक कौशल केन्द्र में भाग्यश्री, दिव्या, पियूष और मोहम्मद आसिफ सहित अन्य विशेष योग्यजनों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें आज 13 मूकबधिर विशेषयोग्यजनों को होटल्स, रिटेल स्टोर्स, मैक्स स्टोर में प्लेसमेंट भी मिल गया।

कंपनी प्रतिनिधियों ने आज जब इन विशेष योग्यजनों से बातचीत की, तब इन सभी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ योग्यता का परिचय दिया। प्लेसमेंट कंफर्म होने पर जब इन्हें नियुक्ति पत्र दिए गए तो इनके चेहरे खिल उठे।

समारोह के मुख्य अतिथि एडीएम प्रशासन ओपी बुनकर ने हिन्दुस्तान जिंक के विशेष योग्यजन युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ा कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के इस प्रयास की सराहना की।समारोह के दौरान इन्हें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र दिए गए और बेस्ट प्रशिक्षु, बेस्ट विद्यार्थी और बेस्ट क्रियेटिविटी के लिये पुरस्कृत भी किया गया।

समारोह में हिन्दुस्तान जिंक के हेड कार्पोरेट अफेयर्स वी जयरमन, हेड सीएसआर अनुपम निधी, जिंक स्मेल्टर देबारी इकाई प्रधान मानस त्यागी, सेडा की सीईओ आतिया हाजी एवं अभिलाषा विद्यालय उदयपुर की प्राचार्या शोभा करवां ने सभी प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए मेहनत लगन, उत्साह, हुनर और स्वयं की प्रतिभा को पहचान कर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

जिंक ने दिया 60 दिवसीय प्रशिक्षण

हिंदुस्तान जिंक ने विशेष योग्यजन मूकबधिर युवाओं से संपर्क किया और जब इनसे सांकेतिक भाषा में बातचीत की तो इन्होंने आंत्रप्रिन्योर बनने की इच्छा जाहिर की। इस पर जिंक ने इन युवाओं की रूचि के अनुसार फूड एंड बेवरेज और रिटेल सेक्टर से संबंधित 60 दिवसीय प्रशिक्षण दिलवाया। इन सभी ने मूकबधिर होने के बावजूद कड़ी मेहनत और लगन से पूरा प्रशिक्षण प्राप्त किया और प्लेसमेंट से जॉब पाकर न सिर्फ खुद के जुनून को साबित किया, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि यदि ठान लिया जाए तो मंजिल पाने में कोई बाधा नहीं होती।

रोजगार परक प्रशिक्षण देने के साथ ही इन सभी विशेष योग्यजनों को जिंक कौशल केन्द्र में सॉफ्ट स्किल, जीवन कौशल, आईटी कौशल के बारे में भी सिखाया गया। ताकि जब ये जॉब करें तब इन्हें कौशल संबंधी समस्या न आए।

तीन वर्षों में 4 हजार को कौशल विकास से जोड़ा गया

जिंक कौशल केन्द्र में बीते 3 वर्षो में 4 हजार से अधिक युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा गया है, जिनमें 85 प्रतिशत से अधिक प्रशिक्षणार्थी रोजगार एवं उद्यमी के रूप में कार्यरत है। यह कार्यक्रम प्रदेश के 5 जिलों उदयपुर के जावर, देबारी, राजसमंद, चित्तौडगढ़, भीलवाडा के आगूचा और अजमेर के कायड सहित उत्तराखंड के पंतनगर में अंबूजा सीमेंट और टाटा स्ट्राईव के तकनीकी सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

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