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यूं ही कट जाएगा सफर साथ चलने से..जब मूकबधिर जोड़े ने इशारों-इशारों में एक-दूसरे को पसंद कर लिया

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नारायण सेवा संस्थान के दिव्यांग सामूहिक विवाह समारोह 28 और 29 अगस्त को

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। नारायण सेवा संस्थान के 38वें निःशुल्क दिव्यांग एंव निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में कुछ जोड़े तो ऐसे हैं, जिनकी न सिर्फ जिंदगी, बल्कि उनकी मुलाकात भी एक कहानी है, जिन पर फिल्मी गीत यूं ही कट जाएगा सफर साथ चलने जैसे गीत सटीक बैठते हैं। एक मूकबधिर जोड़े ने तो एक-दूसरे को इशारों-इशारों में पसंद कर लिया।

नारायण सेवा संस्थान की ओर से 28 अगस्त और 29 अगस्त को होने वाले 38वें निःशुल्क दिव्यांग एंव निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में 51 जोड़े का विवाह होगा। 28 अगस्त को 51 जोड़ों की भव्य बिंदोली निकलेगी। ये सभी 51 जोड़े टाउन हॉल में सजी-धजी बग्गियों में सवार होकर निकलेंगे और सूरजपोल, बाजूबाजार, देहलीगेट से वापस टाउनहॉल पहुंचेंगे। 29 अगस्त को बड़ी स्थित नारायण सेवा संस्थान परिसर में विवाह समारोह होगा।

बबीता-रविंद्र : जिंदगी के सफर में बढ़ने के लिए पैर नहीं, एक-दूसरे का साफ ही काफी है

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के ग्रामुड़ गांव निवासी रविंद्र तीन साल की उम्र में पोलियों ग्रस्त हो गए थे। कम उम्र में रविन्द्र के पिता का निधन हो गया। रविन्द्र के लिए जिंदगी अंधेरे में थी, जब नारायण सेवा संस्थान इनकी जिंदगी में प्रकाश पुंज की तरह आया। रविंद्र का नारायण सेवा संस्थान में ऑपरेशन हुआ और इसके बाद उन्होंने यहीं पर मोबाइल रिपेयरिंग का कोर्स किया।

आत्मनिर्भर होने पर वे लखनऊ में रोजगार के लिए गए, जहां उनकी मुलाकात बबीता से हुई। बबीता भी एक पैर से दिव्यांग हैं और माता-पिता की मृत्यु होने से कोई भी अपना जीवन में नहीं था। दोनों की मुलाकात हुई तो इन्हें लगा कि ये एक-दूसरे के लिए ही हैं। अब नारायण सेवा संस्थान के सामूहिक विवाह समारोह में इनका एक-दूसरे से शादी का सपना भी साकार होने जा रहा है।

सुमित्रा-कपिल : आंखों ही आंखों में इशारा हो गया

सुमित्रा और कपिल दोनों मूकबधिर हैं। वे भले ही बोल नहीं सकते, लेकिन इशारों-इशारों में दिल की बाते कर लेते हैं और अब अपनी जिंदगी व गृहस्थी की गाड़ी भी चलाएंगे।

सुमित्रा उदयपुर के बेडनपाड़ा और कपिल झाड़ोल के रहने वाले हैं। दोनों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हैं। लोगों के तानों से इनकी जिंदगी दूभर हो चुकी थी और कोई भी इनसे शादी करने को तैयार नहीं था। नारायण सेवा संस्थान की टीम ने जब सुमित्रा और कपिल को मिलाया तो इन्होंने न सिर्फ एक-दूसरे को पसंद कर लिया, बल्कि इशारों ही इशारों में जीवनभर साथ निभाने का वादा भी कर लिया। अब इनके माता-पिता की रजामंदी से नारायण सेवा संस्थान के सामूहिक विवाह समारोह में विवाह होने जा रहा है।

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