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60 लाख के जेवर-नगदी चोरी मामले में कांस्टेबल ने ही बिकवाए चोरी के गहने: उदयपुर एसपी ने किया बर्खास्त

udaipur police constable involved in rs 60 lakh jewellery theft case district sp dismissed him from serviceudaipur police constable involved in rs 60 lakh jewellery theft case district sp dismissed him from service

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के बावलवाड़ा में 21 जुलाई को 60 लाख के जेवर-नकदी चोरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों के गिरोह में पुलिस विभाग का रिक्रूट कांस्टेबल भी शामिल है। कांस्टेबल नितेश पटेल उदयपुर शहर के भूपालपुरा थाने में तैनात था। चोरी के गहनों का पता चलने पर उसने चोरों को पकड़वाने के बजाए चोरी के गहने बिकवाने में उनकी मदद की।

एसपी विकास कुमार ने भारतीय संविधान में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए रिक्रूट कांस्टेबल नितेश पटेल 20 पुत्र नाथूलाल पटेल राज्य सेवा से तत्काल प्रभाव से पदच्युत (dismissal from service) किया है।

60 लाख के जेवर-नकदी मामले चोरी में मिलीभगत सामने आने पर पुलिस ने कांस्टेबल नितेश पटेल और उसके अन्य साथी अरविन्द पुत्र ललित को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे पूछताछ कर चोरी हुए सोने-चांदी के जेवर बरामद कर लिए हैं। मामले में पुलिस पूर्व में 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

यह था पूरा मामला

बावलवाड़ा थाने में फुटाला निवासी प्रार्थिया अनिता देवी ने रिपोर्ट दी थी कि उसके ससुर साकरचन्द व सास फुलीदेवी अमरनाथ यात्रा के लिये गये हुये थे। घर पर प्रार्थिया, उसकी ननद, पुत्र-पुत्री और घरेलू नौकर था। 21 जुलाई देर रात घर जब घर पर सभी सो रहे थे, तभी पास के कमरे का दरवाजा खुलने की आवाज से वह जाग गयी, उसने बाहर देखा तो दो बदमाश भागते हुए दिखाई दिए। इस पर उसने घर में सभी को जगाया और पड़ोसियों को बुलाया। कमरे में जाकर देखा तो अलमारी से 873 ग्राम सोने, 2 किलो चांदी के जेवरात, करीब 365000 रूपये नगद व अन्य सामान चोरी हो चुका था।

इस मामले में पुलिस ने चोरी के मुख्य आरोपी घाटी, पहाड़ा निवासी अंकित पटेल को गिरफ्तार किया था। अंकित ने पूछताछ में बताया कि उसने परिचित नितेश पटेल को चोरी के गहनों के बारे में बताया था और इन गहनों को बेचने में मदद के लिए कहा था। नितेश पटेल कांस्टेबल है, जो विभाग में कुछ समय पहले ही भर्ती हुआ है और अभी प्रशिक्षु है। नितेश को चोरी के गहनों के बारे में पता चला गया, इसके बावजूद उसने चोरों को पकड़वाने के बजाए, चोरों की मदद की। नितेश ने अंकित से स्टाम्प पर लिखापढ़ी कर चोरी के गहने जोधपुर में बिकवाए और 2 लाख 74 हजार रूपए प्राप्त किए।

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