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मानसी वाकल बांध ने बढ़ाई शहर के 12 वार्डों की कॉलोनियों और झाड़ोल के 22 गांवों की चिंता

आवक नहीं होने से अभी भी 9 मीटर खाली है

देवेंद्र शर्मा, उदयपुर( एआर लाइव न्यूज)। फतहसागर भले ही भर गया हो, लेकिन खाली पड़े मानसी वाकल बांध ने इस बांध की सप्लाई से जुड़े उदयपुर शहर के 12 वार्डों की कॉलोनियों और झाड़ोल क्षेत्र के 22 गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चिंता इसलिए ज्यादा बढ़ रही है कि इस मानसून में मानसी वाकल बांध में करीब एक फीट पानी ही आया है और यह बांध अभी भी क्षमता के मुकाबले 9 मीटर खाली पड़ा है।

 वर्तमान में मानसी वाकल बांध का गेज 581 मीटर के मुकाबले 572.80 मीटर ही हुआ है। यानी बांध में 861.950 एमसीएफटी पूर्ण भराव क्षमता के वर्तमान में 224.668 एमसीएफटी पानी ही उपलब्ध है। विभागीय जानकारोंं के अनुसार इस मानसून में मानसी वाकल बांध में करीब एक फीट पानी ही आया है। यह स्थिति तब है जब प्रदेश में मानसून को आए हुए एक माह से अधिक का समय बीत चुका है और सावन माह का समय भी निकल चुका है।

ऐसी स्थिति में जलदाय विभाग की चिंता भी बढ़ी हुई है कि समय रहते मानसी वाकल बांध नहीं भरा तो अगले मानसून तक और खासकर अगले साल गर्मी के सीजन में शहर की कॉलोनियों में पेयजल सप्लाई पर संकट गहरा सकता है। बांध खाली रहने का असर झाड़ोल क्षेत्र के इन 22 गांवों में भी देखने को मिल सकता है।  मानसी वाकल बांध खाली रह जाने से उदयपुर शहर की इन कॉलोनियोंं में 2019 में भी जलदाय विभाग को कई दिनों तक 72 घंटे में एक बार यानी तीन दिन में एक बार पानी की सप्लाई करने मजबूर होना पड़ा था।

कैचमेंट में बने बांध भी खाली पड़े

मानसी वाकल बांध में आसपास के कैचमेंट से आवक होती है। आकोदड़ा बांध और मादड़ी बांध ओवरफ्लो होने पर इनका पानी मानसी वाकल को भर सकता है, लेकिन भी ये दोनों बांध भी काफी खाली पड़े है। इनमें अब पानी की अच्छी आवक भी होती है तो दोनों बांध के पानी को
डायवर्ट कर शहर की पीछोला झील को भरना प्राथमिकता रहेगी। क्योंंकि पीछोला झील खाली पड़ी है। इसके बाद यदि आकोदड़ा और मादड़ी में अतिरिक्त पानी की आवक बनी रहती है तो इनके ओवरफ्लो होने की संभावना बन सकती है, लेकिन मौजूदा स्थिति अनुसार इसकी उम्मीद कम नजर आ रही है।

मानसून आए एक माह से ज्यादा समय हो गया

इस साल मानसून ने 30 जून को कोटा-भरतपुर संभाग के रास्ते राजस्थान में प्रवेश किया था और 1 जुलाई को मेवाड़ में पहुंचा था। उदयपुर जिले और मेवाड़ के अधिकांश बांधों, तालाबों के कैचमेंट में अभी तक तेज बारिश होने से इनमें आशानुरूप पानी की आवक नहीं हुई है। जिन बांधों, तालाबों से पेयजल सप्लाई होती है उनमें भी उम्मीद अनुरूप पानी नहीं आने चिंता ज्यादा बढ़ गई है।

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