माइनिंग, ऑयल एवं गैस कॉन्क्लेव : विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों में किया मंथन
जयपुर(एआर लाइव न्यूज)। खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा है कि प्रदेश की नई खनिज नीति अधिक अग्रगामी, माइनिंग सेक्टर को तेजी से प्रमोट करने वाली और समाज के सभी वर्गों को माइनिंग से जोडऩे वाली होगी।
प्रमोद जैन भाया बुधवार को होटल मैरियट में एक दिवसीय माइनिंग,ऑयल एवं गैस कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। खान मंत्री प्रमोद जैन भाया, राजस्व मंत्री राम लाल जाट, एसीएस माइंस डॉ.सुबोध अग्रवाल, कोलंबिया की राजदूत मारियाना पाचेको मोंटेस ने कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। खान मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा अनुसार नई खनिज नीति मेें एससी, एसटी, महिलाओं, विशेष योग्यजन, बेरोजगार टेक्नोक्रेट युवाओं के लिए माइनिंग आवंटन प्रक्रिया में आरक्षण होगा। राज्य में माइनिंग सेक्टर से आमनागरिकों को जोडऩे के प्रावधान किए जा रहे हैं। प्रधान और अप्रधान खनिज क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए ही पहली बार राजस्थान को द्वितीय पुरस्कार और तीन करोड़ 80 लाख की प्रोत्साहन राशी से सम्मानित किया है।
कोलंबिया की इकोनोमी भी काफी कुछ माइनिंग सेक्टर पर निर्भर
कोलंबिया की राजदूत मारियाना पाचेको मोंटेस ने बताया कि कोलंबिया की इकोनोमी भी काफी कुछ माइनिंग सेक्टर पर निर्भर है। एनर्जी सेक्टर में भी बहां बड़ा काम हो रहा है। निदेशक माइंस केबी पण्ड्या ने बताया कि राजस्थान में माइनिंग सेक्टर में बड़ी उपलब्धियां के साथ ही अभी विपुल संभावनाएं है। आरंभ में अमित कुमार गुप्ता ने आतिथ्य सत्कार कर आयोजन की रूपरेखा बतायी।
माइनिंग सेक्टर में ओवरवर्डन की बड़ी समस्या
राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि कृषि के बाद प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से सबसे अधिक रोजगार माइनिंग सेक्टर उपलब्ध कराता है। प्रदेश में माइनिंग सेक्टर में ऑनलाईन व्यवस्था करने से पारदर्शिता आने के साथ ही लोगों का विश्वास बढ़ा है। माइनिंग सेक्टर में ओवरवर्डन की बड़ी समस्या है। ओवरवर्डन के निस्तारण के लिए भी ईसी का प्रावधान है। इस समस्या का ठोस समाधान खोजना होगा।
खनिज भण्डार की दृष्टि से राजस्थान यूनिक प्रदेश बन गया है
एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि खनिज भण्डार की दृष्टि से राजस्थान यूनिक प्रदेश बन गया है। लेड, जिंक, बोलेस्टाइन, कॉपर, यूरेनियम, पोटाश, लाइमस्टोन, आयरन ऑर, मेगनीज, गारनेट, जिप्सम, मार्बल, सेंड स्टोन के विपुर भण्डार राजस्थान में है। यूरेनियम खोज के साथ ही राजस्थान विश्वपटल पर आ गया है। प्रचुर मात्रा में पोटाश के भण्डार मिले हैं लाइम स्टोन के हमारे ब्लॉक देश में सर्वाधिक 192 फीसदी से भी अधिक में ऑक्शन हो रहे हैं।
अग्रवाल ने कहा कि आयरन ऑर के जयपुर जिले के बागावास ब्लॉक की नीलामी देश में सर्वाधिक 452 प्रतिशत प्रीमियम पर हुई है। ऑयल और गैस के कारण आज पश्चिम राजस्थान में रिव्यूलेशन आ गया है। राजस्थान रिफाइनरी प्रदेश में विकास की नई इबारत लिख रही है। आगामी 8 सालों में 96 लाख पाइप लाईन से घरेलू गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने का रोडमेप बनाया गया है।
बाड़मेर रिफाइनरी का प्रदेश के विकास में योगदान पर हुआ मंथन
अवसर एवं चुनौतियां सत्र में पैनल डिस्कशन में भारत एवं राजस्थान में हाइड्रोकार्बन के क्षेत्र और
राजस्थान स्थित बाड़मेर रिफाइनरी का प्रदेश के विकास में योगदान एवं पेट्रो केमिकल के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास पर मंथन किया गया। ओएनजीसी के ईडी एसएन चिटनिस, भारत पेट्रोलियम के ईडी टी पीतांबरन, राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलाजी के निदेशक प्रोफेसर एएसके सिन्हा, भारत सरकार के पेट्रोलियम और नेचुरल गैस के अतिरिक्त महानिदेशक एक्सप्लोरेशन डॉ. सी लक्ष्मण रेड्डी, राजस्थान रिफाइनरी के मुख्य कार्यकारी कमलाकर विखर ने देश व प्रदेश के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सिनेरियों और भावी संभावनाओं पर चर्चा की।
खनिज संपदा एवं सामाजिक एवं आर्थिक विकास में योगदान पर चर्चा
ट्रेंड्स एण्ड आइडियाज इन माइंस एण्ड मिनरल सेक्टर पर भारत और राजस्थान की खनिज संपदा एवं सामाजिक एवं आर्थिक विकास में योगदान पर चर्चा रही। तकनीक और नवाचारों से इस क्षेत्र में सस्टेनेबल माइनिंग द्वारा बेस्ट आउटकम पर मंथन किया गया। इस सत्र में जम्मू कश्मीर के माइंस सचिव अमित शर्मा, फेगमिल के सीएमडी बिग्रेडियर अमर सिंह राठौड़, हिन्दुस्तान कॉपर के निदेशक माइंनिंग संजीव कुमार सिंह, स्टील ऑथोरिटी ऑफ इण्डिया के सीजीएम न्रेम कुमार झा, सीडॉस के मुख्य कार्यकारी मुकुल रस्तोगी और जेके लक्ष्मी सीमेंट के डीजीएम जियोलाजी डॉ. अमर दीप सक्सैना बतौर विशेषज्ञ चर्चा में हिस्सा लिया।
गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और सीएनजी स्टेशन पर हुआ विचार विमर्श
कॉन्क्लेव के सीमलेस गैस ड्रिस्ट्रीब्यूशन एण्ड पाइपलाईन नेटवर्क सत्र में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क(सीजीडी)विकसित करने के प्रयासों के साथ ही भूमिगत गैस पाइपलाईन डालने, प्रेशर रेगुलेटिंग स्टेशन और सीएनजी स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया पर विचार विमर्श हुआ। वर्तमान सिनेरियों और भविष्य की संभावनाओं पर राजस्थान स्टेट गैस लि. के प्रबंध संचालक मोहन सिंह, गैल इंडिया के राजस्थान मार्केटिंग हैड संदीपा ट्रक्रू ने बताया कि राजस्थान में पाइप लाईल से घरेलू गैस वितरण के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने का काम जारी है।
मिनरल संसाधन पर विशेषज्ञों ने बतायी मौजूदा स्थिति और भावी भविष्य
अंतिम तकनीकी सत्र में मेजर मिनरल्स, एक्स्प्लोरेशन, प्रोडक्शन एण्ड मार्केटिंग पर एमईसीएल के निदेशक तकनीकी अरविन्द कुमार, उडीसा के अतिरिक्त निदेशक माइंस यूसी जुनेजा, तेलंगाना सरकार के माइंस विभाग के निदेशक डॉ.रोनाल्ड रोज, छत्तीसगढ़ सरकार के मिनरल संसाधन विभाग के संयुक्त निदेशक अनुराग दीवान और जियोलाजिकल सर्वें ऑफ इंडिया के उपमहानिदेशक डॉ. संजय दास के साथ ही निजी क्षेत्र हिन्दुस्तान जिंक, जिंदल शा के विशेषज्ञ द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। कॉन्क्लेव में वण्डर सीमेंट, हिन्दुस्तान जिंक, श्री सीमेंट और अंबुजा सीमेंट द्वारा भी प्रस्तुतिकरण दिया गया।

