बागावास ब्लॉक की रिजर्व प्राइस से 452 प्रतिशत प्रीमियम पर नीलामी
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज़)। जयपुर के बागावास ब्लॉक की आयरन और माइनिंग ब्लॉक की ई-नीलामी रिजर्व प्राईस से 452 प्रतिशत अधिक राशि में हुई हैं। यह प्रीमियम राशि समूचे देश के माइनिंग ब्लॉक नीलामी के इतिहास में सर्वाधिक है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि खनिज नीलामी नियम 2015 के प्रभाव में आने के बाद समूचे देश में अब तक की यह सबसे अधिक प्रीमियम राशि पर नीलामी है। इससे पहले मध्यप्रदेश में खनिज रॉक फॉस्फेट के ब्लॉक की नीलामी में सर्वाधिक 320 प्रतिशत बोली प्राप्त हुई थी। खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि यह पारदर्शी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धी ई नीलामी व्यवस्था से ही संभव हो पाया है।
एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि विभाग द्वारा जयपुर जिले के विराटनगर के पास बागावास में 5.9266 हैक्टेयर आयरन ओर ब्लॉक के आवंटन के लिए 31 मई को निविदा सूचना जारी की गई थी। तकनीकी निविदाओं से प्राप्त दरों के अनुसार आइपीओ रिजर्व प्राइस से 54 प्रतिशत अधिक आया और अंतिम नीलामी प्रक्रिया में 29 जुलाई को उच्चतम बोली पंजाब भटिंडा के शुभ लोहिया प्रो. भारत कोल ट्रेडर्स भटिंडा पंजाब ने 452 प्रतिशत लगाई।
नीलामी में 5 बोलीदाताओं ने भाग लिया
नीलामी प्रक्रिया में पांच बोलीदाताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि रिजर्व प्राइस से 452 प्रतिशत प्रीमियम पर नीलामी से देश के माइनिंग क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया है। बागावास की आयरन ओर की इस माइनिंग ब्लॉक की नीलामी से राज्य सरकार को आगामी 50 सालों में रायल्टी, प्रीमियम, डीएमएफटी, एनएमईटी आदि का मिलाकर 119.65 करोड़ रु. का राजस्व मिलने की संभावना है।
आयरन और खनिज नीलामी के नए ब्लॉक हो रहे तैयार
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जयपुर, सीकर, झुन्झुनू, करौली, भीलवाड़ा और अलवर मेें खनिज आयरन ओर के विपुल भण्डार उपलब्ध है। प्रदेश में वर्तमान में जयपुर में 4, सीकर में 3, झुन्झुनू में 6, भीलवाड़ा में 2 और अलवर में 1 इस तरह आयरन ओर के कुल 16 खनन पट्टे कार्यशील है और इनसे एक मोटे अनुमान के अनुसार 50 करोड़ से अधिक का सालाना राजस्व प्राप्त हो रहा है। विभाग द्वारा आयरन और खनिज नीलामी के लिए और नए ब्लाक तैयार किये जा रहे हैं।

