नदियों के तेज बहाव में बांस को बहाकर गुजरात पहुंचाते हैं तस्कर
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के कोटड़ा आदिवासी क्षेत्र के धधमता गांव में बुधवार को सहायक वनपाल मनीषा निनामा और वनरक्षक प्रभुलाल मीणा पर हुए जानलेवा हमले के पीछे बांस तस्करों का होना सामने आ रहा है।
वनरक्षक प्रभुलाल मीणा ने पुलिस को रिपोर्ट में बताया है कि उस पर धधमता निवासी अशोक खेर ने अन्य बदमाशों के साथ मिलकर हमला किया है। पिछले दिनों कुछ बदमाशों ने वनक्षेत्र में बांस की अवैध कटाई की थी। इस पर वनरक्षक प्रभुलाल मीणा ने अशोक खेर को हिदायत दी थी कि बांस कटाई नहीं होनी चाहिए।
इसी बात को लेकर बुधवार को अशोक खेर अन्य बदमाशों के साथ आया। इधर सहायक वनपाल मनीषा और वनरक्षक प्रभुलाल गश्त के लिए सरकारी गाड़ी से ही जंगल की तरफ जा रहे थे। तभी अशोक व अन्य बदमाशों ने इनका रास्ता रोका और लाठियों से हमला बोल दिया। हमले में वनरक्षक प्रभुलाल गंभीर घायल हुए हैं, वहीं मनीषा के भी चोटें आयी हैं।
इस मौसम में बड़े स्तर पर होती है तस्करी
जानकारी के अनुसार आदिवासी अंचल कोटड़ा में मानसून बांस तस्करी के लिए अनुकूल माना जाता है। क्यों कि मानसून के दौरान कोटड़ा से गुजरात की ओर जाती नदियों में बहाव अच्छा होता है। तस्कर जंगलों में बड़े स्तर पर बांस की कटाई कर इन्हें नदियों के रास्ते बहाकर गुजरात पहुंचा देते हैं। इससे तस्करों को बॉर्डर पार कर पकड़े जाने का डर भी नहीं रहता है।

