नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। जीएसटी परिषद की गत माह हुई 47वीं बैठक के दौरान की गई वस्तु एवं सेवा कर दरों की सिफारिशें आज 18 जुलाई से लागू हो गयी हैं। पैकेज्ड और लेबल वाले अनाज पर जीएसटी लगने से ये महंगे होंगे, जिसका सीधा असर लोगों के किचन पर पड़ेगा। प्री-पैकेज्ड, लेवल वाली दालें, चावल, गेहूं, आटा सहित दही, पनीर, मुरमुरे सहित अन्य सामान पर जीएसटी 5 प्रतिशत लगेगा, इससे ये वस्तुएं महंगी हो जाएंगी।
इन पर लगेगा इतना जीएसटी
- दही, लस्सी, छाछ 5 प्रतिशत जीएसटी
- पनीर 5 प्रतिशत जीएसटी
- सभी प्रकार का गुड़ 5 प्रतिशत जीएसटी
- खांडसारी चीनी 5 प्रतिशत जीएसटी
- प्राकृतिक शहद 5 प्रतिशत जीएसटी
- चावल, गेहूं, राई, जौ, जई 5 प्रतिशत जीएसटी
- चावल का आटा 5 प्रतिशत जीएसटी
- गेहूं और मेसलिन आटा 5 प्रतिशत जीएसटी,
- निविदा नारियल पानी 12 प्रतिशत जीएसटी
बिजली से चलने वाले पंप, साइकिल पंप, डेयरी मशीनरी 18 फीसदी
बीजों की सफाई, छंटाई, ग्रेडिंग और अनाज की दालों के लिए उपयोग की जाने वाली मशीनें, मिलिंग, अनाज उद्योग में प्रयुक्त मशीनें, हवा आधारित आटा चक्की और गीली चक्की 18 प्रतिशत जीएसटी देना होगा। सोलर वॉटर हीटर और सिस्टम 12 प्रतिशत लगेगा।
18 जुलाई से एलईडी लैंप, स्याही, चाकू, ब्लेड, पेंसिल शार्पनर, ब्लेड, चम्मच, कांटे, सीढ़ी, स्कीमर, केक सर्वर, प्रिंटिंग, लेखन और ड्राइंग स्याही, फिक्स्चर और उनके धातु मुद्रित सर्किट बोर्ड पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
होटल और हॉस्पिटल में भी देना होगा जीएसटी
- होटल में 1000 रुपये प्रति दिन किराए पर 12 प्रतिशत जीएसटी
- एक अस्पताल द्वारा प्रति रोगी प्रति दिन ₹ 5000 से अधिक के कमरे का किराया (आईसीयू को छोड़कर) बिना आईटीसी के कमरे के लिए 5 प्रतिशत कर लगाया जाएगा।
- सड़कों, पुलों, रेलवे, मेट्रो, अपशिष्ट उपचार संयंत्र, श्मशान और अन्य के लिए अनुबंध 18 प्रतिशत
- ऐतिहासिक स्मारकों, नहरों, बांधों, पाइपलाइनों, जलापूर्ति के लिए संयंत्र, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों आदि के लिए केंद्र-राज्य सरकारों और स्थानीय प्राधिकरणों और उसके उप-ठेकेदार को आपूर्ति किए गए कार्य अनुबंध के लिए जीएसटी 18 प्रतिशत
- केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्थानीय प्राधिकरणों को मिट्टी के काम और उसके उप-अनुबंधों के लिए आपूर्ति किए गए कार्य अनुबंध 12 प्रतिशत।
- कटे और पॉलिश किए गए हीरों पर दर 0.25 फीसदी से बढ़ाकर 1.5 फीसदी की गई।
- ई-कचरे पर जीएसटी 5 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी किया जाएगा।
- पेट्रोलियम/कोल बेड मीथेन पर जीएसटी 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया जाएगा।

