उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार गुरुवार यानी 30 जून को मानसून ने कोटा व भरतपुर संभाग के रास्ते राजस्थान में प्रवेश कर लिया। पिछले साल यानी 2021 में 18 जून को मेवाड़-हाड़ौती के रास्ते मानसून राजस्थान में आया था।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को पूर्वी हवाओं के साथ देने से मानसून आगे बढ़ा,हालांकि मानसून ने मेवाड़ का रास्ता पकड़ने के बजाय कोटा-भरतपुर संभाग का रास्ता पकड़ा। लंबे समय बाद मानसून के राजस्थान में प्रवेश को लेकर ऐसी परिस्थितियां बनी। इधर शुक्रवार को उदयपुर में बादलों की मौजूदगी के बीच मानसूनी बारिश का इंतजार बना हुआ है। बीते 24 छंटे में उदयपुर संभाग के पीपलखूंट(प्रतापगढ़) और भैंसरोड़गढ़ में 54-54 मिलीमीटर बारिश हुई है।
अनुमान लगाया उससे देरी से आया
मौसम विभाग ने इस साल 20 जून को मेवाड़-हाड़ौती के रास्ते मानसून के राजस्थान में प्रवेश का अनुमान लगाया था, लेकिन पश्चिमी हवाओं के सक्रिय रहने से मानसून उम्मीद अनुरूप आगे नहीं बढ़ पा रहा था। पिछले तीन दिनों में हवाओं का रुख बदला। पूर्वी हवाओं के सक्रिय होते ही मानसून ने गति पकड़ ली।
इसलिए रास्ता बदल लिया मानसून ने
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आमतौर पर अरब सागर से आने वाली हवा दक्षिणी-पश्चिमी मानसून लेकर आती है। इस कारण उदयपुर-कोटा संभाग के रास्ते मानसून का राजस्थान में प्रवेश होता है। जबकि इस बार बंगाल की खाड़ी से आई हवा प्रभावी रहीं और उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इस कारण इस साल मानसून मेवाड़ के रास्ते राजस्थान में प्रवेश नहीं कर पाया।
शुक्रवार दोपहर बाद मेवाड़ में भी किया प्रवेश
मानसून ने 1 जुलाई यानी शुक्रवार दोपहर बाद मेवाड़ में भी प्रवेश कर लिया। हवाओं का रुख सकारात्मक होने से मानसून ने मेवाड़ के अधिकांश एरिया को कवर कर लिया है। शाम को उदयपुर शहर में मध्यम बारिश होने से इस मानसून में बारिश का श्रीगणेश भी हो गया।

