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फतहसागर-पीछोला को भरने वाले आकोदड़ा, मादड़ी और देवास प्रथम सहित कई बांध पड़े है खाली

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उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। मानसून को लेकर बेसब्री बढ़ती जा रही है। बेसब्री बढऩे के पीछ़े बड़ा कारण यह भी है कि मौजूदा समय में मेवाड़ के अधिकांश बांध या तो खाली पड़े है या उनमें नाम मात्र का पानी बचा है। स्थिति यह है कि शहर की दो प्रमुख झीलों फतहसागर और पीछोला को भरने वाले बांध भी पूरी तहर से खाली पड़े है।

मानसून पूर्व झीलों की स्थिति यह है कि फतहसागर पूर्ण भराव स्तर 13 फीट के मुकाबले 5 फीट 4 इंच भरा हुआ है जबकि 11 फीट भराव स्तर वाले पीछोला का गेज अभी 6 फीट 2 इंच है। दोनों झीलों का जलस्तर अभी भले ही प्लस में है, लेकिन इनको भरने वाले तीन प्रमुख बांध आकोदड़ा, मादड़ी और देवास प्रथम बांध पूरी तरह से खाली पड़े है। इनके अलावा कई अन्य छोटे बड़े जलाशय ऐसे है, जिनमें बहुत कम पानी बचा है। समय रहते कैचमेंट में तेज बारिश नहीं हुई तो जिन बांधों, तालाबों में मामूली पानी बचा है उनका पैंदा भी उधड़ा हुआ नजर आ सकता है।

बड़ी तालाब और जयसमंद में है आशानुरूप पानी

दो साल पहले संकट की स्थिति में उदयपुरवासियों की प्यास बुझाने में अहम भूमिका निभाने वाले बड़ी तालाब में आशानुरूप पानी उपलब्ध है। उदयपुरवासियों की प्यास बुझाने में अहम भूमिका निभा रहे जयसमंद में क्षमता के मुकाबले 50 प्रतिशत पानी भरा हुआ है। हालांकि फतहसागर को छलकाने वाले मदार बड़ा और मदार छोटा तालाब भी करीब आधे खाली पड़े है।

उदयपुर शहर में अब तक 7 मिलीमीटर बारिश ही हुई

प्री-मानसून में इस बार उदयपुर शहर में 1 जून से अब तक कुल 7 मिलीमीटर बारिश ही हुई है। जबकि उदयपुर संभाग में उदयपुर जिले के जयसमंद क्षेत्र में सबसे ज्यादा कुल 146 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में उदयपुर जिले के कोटड़ा में सबसे ज्यादा 31 मिलीमीटर बारिश हुई।

उदयपुर के प्रमुख बांधों की स्थिति (गेज फीट में)

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