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दो थानाधिकारी, हेडकांस्टेबल और कांस्टेबल शराब कारोबारियों से मासिक बंधी के 3.30 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

rajasthan ACB arrests dungarpur two inspector and two constables for taking bribes as monthly extortion moneyrajasthan ACB arrests dungarpur two inspector and two constables for taking bribes as monthly extortion money

एसपी के नाम से मांग रहे थे रिश्वत

हेडकांस्टेबल के आवास की तलाशी में मिले पूर्व में परिवादी से वसूली गयी मासिक बंधी के 5 लाख रूपए

जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल इनवेस्टिगेशन यूनिट ने गुरुवार को डूंगरपुर में शराब कारोबारियों से ली जा रही मासिक बंधी के दो अलग-अलग मामलों दो थानाधिकारी भैयालाल आंजना और दिलीप दान बारहट, हेडकांस्टेबल भोपाल सिंह और कांस्टेबल जगदीश विश्नोई को कुल 3 लाख 30 हजार रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

एसीबी डीजी भगवान लाल सोनी ने बताया कि डूंगरपुर के परिवादी ने जयपुर एसीबी कार्यालय में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि उसके शराब के कारोबार को निर्बाध रूप से चलने देने तथा उसके विरूद्ध दर्ज मुकदमों में कार्यवाही हल्की करने की एवज में डूंगरपुर के धंबोला थानाधिकारी भैयालाल आंजणा और कोतवाली थानाधिकारी दिलीप दान बारहट जिला पुलिस अधीक्षक के लिये मासिक बन्धी के रूप में 10 लाख रूपये रिश्वत मांग रहे हैं और रिश्वत नहीं देने पर परेशान किया जा रहा है। ये थानाधिकारी हेडकांस्टेबल भोपाल सिंह के जरिए पूर्व में ही परिवादी से 5 लाख रुपये रिश्वत वसूल कर चुके हैं।

एक थानाधिकारी ने ढाई लाख तो दूसरे ने 80 हजार रूपए रिश्वत ली

एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि एसीबी टीम के एडि.एसपी बजरंग सिंह शेखावत के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया। शिकायत की पुष्टि होने पर गुरूवार को एसीबी डीएसपी परमेश्वर दयाल के नेतृत्व में टीम ने डूंगरपुर में ट्रैप कार्यवाही करते हुये धंबोला थानाधिकारी भैयालाल आंजणा, हेड कांस्टेबल भोपाल सिंह को 2 लाख 50 हजार रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

वहीं एसीबी की दूसरी टीम ने डूंगरपुर कोतवाली थानाधिकारी दिलीप दान बारहट और कांस्टेबल जगदीश विश्नोई को परिवादी से 80 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। परिवादी ने शिकायत में बताया था कि थानाधिकारी एसपी के नाम से रिश्वत मांग रहे हैं, ऐसे में मामले में संलिप्त उच्च अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

कांस्टेबल की अलमारी से बरामद हुए पूर्व में लिए गए 5 लाख रूपए

एसीबी अधिकारी ने बताया कि थानाधिकारी ने कांस्टेबल भोपाल सिंह के जरिए परिवादी से पूर्व में भी 5 लाख रूपए बतौर रिश्वत वसूले थे। एसीबी टीम ने जब भोपाल सिंह के कमरे की तलाशी ली तो अलमारी में रखे हुए 5 लाख रूपए भी बरामद हो गए।

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