एआर लाइव न्यूज। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही टारगेट किलिंग और गुरूवार को बैंक मैनेजर की हुई हत्या के बाद कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों और हिंदुओं ने पलायन शुरू हो गया है। कई परिवार जम्मू चले गए हैं।
पलायन करने वालों में ज्यादातर लोग वे हैं जो पीएम पैकेज योजना के तहत कश्मीर घाटी में बतौर सरकारी कर्मचारी नौकरी कर रहे थे और योजना के तहत बनी कॉलोनी में रह रहे थे। इन लोगों ने कॉलोनी खाली कर दी है और अपने घर लौट रहे हैं। इधर जम्मू-कश्मीर में पंडितों का विरोध प्रदर्शन बढ़ गया है और वे सुरक्षा के साथ-साथ तबादले और होम लैंड में पोस्टिंग की मांग कर रहे हैं। कश्मीर के हालात को देखते हुए केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाईलेवल मीटिंग बुलाई है।
गैर कश्मीरी भी बनाए जा रहे टारगेट
बैंक मैनेजर के अलावा आतंकवादियों ने बड़गांव के चदूरा इलाके में ईंट भट्टे पर काम करने वाले बिहार निवासी दो मजदूरों को भी निशाना बनाया था। टारगेट किलिंग के तहत आतंकियों ने इन पर गोलियां चलाईं। इसमें एक मजदूर दिलखुश की मौत हो गयी, जबकि दूसरा गंभीर घायल है। जबकि बैंक मैनेजर राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले थे। ऐसे में आतंकवादी कश्मीरी पंडित या हिंदुओं को ही नहीं, बल्कि गैर स्थानीय लोगों को भी टारगेट बना रहे हैं।
पीएम पैकेज के तहत घाटी में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि 26 दिनों में 10 हत्याएं हो चुकी हैं। कश्मीरी हिंदुओं में हर वक्त डर रहता है कि कब किसको कहां गोली मार दी जाए। 30 से 40 परिवार शहर छोड़कर जा चुके हैं। आतंकवादी सरकारी कर्मचारी, कश्मीर में काम कर रहे गैर स्थानीय लोग, टीवी आर्टिस्ट, बैंक मैनेजर स्तर के लोगों को अपना निशाना बना चुके हैं।

